रविवार, सित 26

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हिंदी के अप्रतिम शलाका पुरुष

जन्मः 15.08.1902, निधनः 06.05.1995


 

Scan photograph satyanarayanji copyपद्‍मभूषण डॉ. मोटूरि सत्यनारायण हिदी के राष्ट्रीय आंदोलन से जुड़े एक ऐसे अग्रणी नायक थे जिन्होंने हिंदी के प्रसार-प्रचार और राष्ट्रीय एकता में उसकी बहुआयामी भूमिका को स्थापित करने के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। 

आंध्र प्रदेश राज्य के कृष्णा जिले के अंतर्गत दोंडपाडु नामक गाँव में 15 अगस्त, 1902 को जन्मे डॉ. मोटूरि सत्यनारायण का संपूर्ण जीवन हिंदीमय था। वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और अखिल भारतीय हिंदी आंदोलन के एक ऐसे अपराजेय सेनानी और दूरदर्शी योजनाकार थे जिन्होंने मन, वचन और कर्म से राष्ट्रीय आकांक्षाओं को पोषित एवं पल्लवित करने के साथ-साथ हिंदी के अखिल भारतीय स्वरूप को मजबूत आधार प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य किया। महात्मा गांधी के द्वारा 1918 से हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए किए गए आंदोलन के संदर्भ में मोटूरि सत्यनारायण जी का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। उन्होंने स्वतंत्रता से पूर्व और स्वतंत्रता के बाद हिंदी प्रचार और प्रसार कार्य समर्पित भाव से किया था। वे दक्षिण और उत्तर भारत के मध्य हिंदी के भाषा-सेतु थे। 

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद, श्री जमनालाल बजाज, चक्रवर्ती राजगोपालाचारी, डॉ. गोपाल रेड्डी, आंध्र-केसरी श्री टंगहूरि प्रकाशन पंतुलु इत्यादि राष्ट्रभक्त एवं हिंदी-प्रेमी नेताओं का सहयोग प्राप्त कर उन्होंने गांधीजी का संदेश गाँव-गाँव एवं घर-घर तक पहुँचाया और हिंदी को राष्ट्रीयता की संवाहिका और भारतीय भाषाओं के एकीकरण की मजबूत कड़ी मानकर उसके प्रचार-प्रसार में न केवल अपना संपूर्ण जीवन लगा दिया बल्कि इसके लिए कारागार की सजा भी काटी। 

सन् 1951 में मोटूरि सत्यनारायण जी ने आगरा में अखिल भारतीय हिंदी परिषद् नामक एक हिंदी शिक्षक-प्रशिक्षण संस्था का आरंभ किया था। डॉ. सत्यनारायण के कुशल निर्देशन में इस परिषद् द्वारा स्थापित अखिल भारतीय हिंदी महाविद्यालय सन् 1960 तक सफलता पूर्वक चला। समय के साथ इस महाविद्यालय का कार्य विस्तार हुआ और इसे अपने समय के अनेक विख्यात हिंदी विद्वानों, मनीषियों और शिक्षाविदों का सान्निध्य मिला। 

कालांतर में भाषा शिक्षण-प्रशिक्षण के अलावा अखिल भारतीय स्तर पर सांस्कृतिक परिवेश में आधुनिक अपेक्षाओं की अभिव्यक्ति को दृष्टिगत करते हुए प्रयोजनमूलक हिंदी का बहुआयामी विस्तार हुआ। इसी क्रम में केंद्र सरकार ने इस महाविद्यालय के संचालन का दायित्व केंद्र सरकार द्वारा सन् 1960 में गठित केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल को सौंप दिया। मंडल का प्रमुख उद्देश्य भारत के संविधान की धारा 351 की मूल भावना के अनुरूप अखिल भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी के शिक्षण-प्रशिक्षण, शैक्षणिक अनुसंधान, बहुआयामी विकास और प्रचार प्रसार से जुड़े कार्यों का संचालन करना निश्चित किया गया। बाद में इसी महाविद्यालय का नामकरण केंद्रीय हिंदी संस्थान के रूप में किया गया। आज का केंद्रीय हिंदी संस्थान वास्तव में डॉ. मोटूरि सत्यनारायण के स्वप्नों का ही मूर्तिमान रूप है। 

डॉ. मोटूरि सत्यनारायण जी कई भाषाओं के ज्ञाता थे। वे अपनी मातृभाषा तेलुगु के साथ तमिल, अंग्रेजी, उर्दू, हिंदी तथा मराठी में समान रूप से दक्षता रखते थे। देशभक्ति, राष्ट्रीय चेतना और राजनीतिक दूरदृष्टि के साथ उनके बहुभाषा ज्ञान ने उनकी भाषा-दृष्टि को सर्वग्राही और समावेशी बनाया। वे समस्त भारतीय भाषाओं के विकास के पक्षधर रहे। 

केंद्रीय हिंदी संस्थान और दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा जैसी संस्थाओं के माध्यम से डॉ. मोटूरि जी ने हिंदी प्रचार-प्रसार एवं विकास कार्य को अखिल भारतीय स्वरूप प्रदान किया। किसी भी भाषा की व्यावहारिक परिधि व्यापक होती है। प्रयोजनमूलक हिंदी के व्यावहारिक पक्ष को उजागर कर मोटूरि जी ने हिंदी की महती सेवा की है। 

पद्‍म भूषण से अलंकृत श्रद्धेय डॉ. मोटूरि सत्यनारायण जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी होने के कारण किसी एक क्षेत्र की परिधि में बँधे नहीं रहे। उनका योगदान भाषा एवं शिक्षण-प्रशिक्षण संबंधी कार्यों को आरंभ करने मात्र तक सीमित नहीं था, बल्कि राष्ट्रीय एकता के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए हिंदी की ऊर्जा और चेतना जगाते हुए भी वे अन्य क्षेत्रों की समृद्धि में अपना योगदान देते रहे। दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा के प्रधान मंत्रित्व के पद को संभालते हुए वे तेलुगु भाषा समिति के प्रधान सचिव तथा केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल आगरा के संस्थापक पुरोधा रहे। इन संस्थाओं से जुड़े प्रशासनिक कार्यों में भी उनका योगदान अप्रतिम रहा। इसके साथ ही मद्रास विधान परिषद तथा राज्य सभा के मनोनीत सदस्य के रूप में भी उनकी सेवाएँ अविस्मरणीय है। 

निस्संदेह पद्‍मभूषण डॉ. मोटूरि सत्यनारायण अपने युग के हिंदी महानायक थे। यह कहना अधिक समीचन होगा कि वे हिंदी की गौरव यात्रा के अपराजेय योद्धा के साथ ही हिंदी के अप्रतिम शलाका पुरुष ही बन गये। 

हिंदी हित में आजीवन समर्पित इस महापुरुष के जीवन आदर्शों और कार्यों से निरंतर प्रेरणा लेते हुए संस्थान हिंदी के बहुआयामी विकास के लिए पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने के लिए वचनबद्ध है। 

डॉ. सत्यनारायण के व्यक्तित्व और कार्यों के बारे में विस्तार से जानने के लिए केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा और दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा, मद्रास द्वारा प्रकाशित पद्मभूषण डॉ. मोटूरि सत्यनारायण जन्मशती समारोह स्मारिका देखिए। 


  • सूचना-पट

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  • विकास-यात्रा

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  • आर.टी.आई.-2005

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 सूचना-पट

विज्ञापन सं. 12/2021 के संदर्भ में अतिथि प्रवक्ता (पूर्णकालिक अनुबंध) हेतु साक्षात्कार के लिए संस्तुत अभ्यर्थियों की सूची - | हिंदी साहित्य | शिक्षाशास्त्र | भाषाविज्ञान | कंप्यूटर एवं भाषा प्रौद्योगिकी | (नया)

संस्थान मुख्यालय में भवनों की मरम्मत हेतु पंजीकृत एजेंसी/ ठेकेदारों से निविदाएँ आमंत्रित (नया)

वर्ष 2018 के लिए हिंदी सेवी सम्मान से पुरस्कृत विद्वानों के नामों की घोषणा (वीडियो) (नया)

स्नातकोत्तर जनसंचार एवं पत्रकारिता डिप्लोमा पाठ्यक्रम सत्र 2021-22 हेतु चयनित अभ्यर्थियों की सूची। (नया)

अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण पाठ्यक्रम, आगरा और दिल्ली केंद्र, सत्र 2020-21  का वार्षिक परीक्षा परिणाम। (नया) 

केंद्रीय हिंदी संस्थान में शिक्षण सत्र 2021-22 के लिए अनुबंध पर अतिथि प्रवक्ता पद हेतु आवेदन के लिए | विज्ञापन सं. 12/2021 | भर्ती संबंधी सामान्य निर्देश ऑनलाइन आवेदन फॉर्म (अंतिम तिथि समाप्त)

दिनांक 05 अगस्त 2021 को उपाध्यक्ष महोदय द्वारा हैदराबाद केंद्र का संदर्शन | फोटो अलबम | 

संस्थान के दिल्ली केंद्र पर सुरक्षा, सफाई एवं विद्युत रखरखाव व्यवस्था हेतु निविदा/संविदा हेतु निबंधन एवं शर्तें 

महत्त्वपूर्ण सूचना - संस्थान के नियमित अध्यापक शिक्षा पाठ्यक्रमों (हिंदी शिक्षण निष्णात, हिंदी शिक्षण पारंगत, हिंदी शिक्षण प्रवीण) के सत्र 2021-23 में प्रवेश परीक्षा के स्थान पर निर्धारत प्रवेश योग्यता के अनुसार प्रवेश दिए जाएंगे। (नया)

सत्र 2021-23 हेतु नियमित अध्यापक शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रवेश की सूचना प्रवेश परीक्षा हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया दि. 01.03.21 से आरंभ। ऑनलाइन आवेदन हेतु - प्रवेश-परीक्षा 2021-23 के आवेदक-अभ्यर्थियों के लिए सूचना  देखिए। 

दि. 26.02.2021 को संस्थान मुख्यालय में राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय (भारत सरकार) और केंद्रीय हिंदी संस्थान की संयुक्त कार्यशाला संपन्न। प्रेस रिपोर्ट फोटो अलबम  

संस्थान मुख्यालय आगरा में पुस्तकालय प्रदर्शनी - 26.2.2021 

लघु पत्रिकाओं के लिए वित्तीय सहयोग योजना हेतु आवेदन एवं नियम निर्देशिका । सहायता : NGO दर्पण वेब पोर्टल पर यूनिक आई डी बनाने के लिए दिशा निर्देश   

केंद्रीय हिंदी संस्थान के दो-वर्षीय नियमित शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम - हिंदी शिक्षण निष्णात, हिंदी शिक्षण पारंगत और हिंदी शिक्षण प्रवीण में शिक्षण सत्र 2020-22 और एक वर्षीय विशेष गहन पाठ्यक्रम 2020-21 (प्रतिनियुक्ति केआधार पर) में चयनित अभ्यर्थियों की सूची।

केंद्रीय हिंदी संस्थान के दो-वर्षीय नियमित शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम - हिंदी शिक्षण निष्णात, हिंदी शिक्षण पारंगत और हिंदी शिक्षण प्रवीण के सेवा-पूर्व श्रेणी के चयनित अभ्यर्थियों की सूची।

 सांध्यकालीन पाठ्यक्रम विभाग के स्नातकोत्तर जनसंचार एवं पत्रकारिता डिप्लोमा सत्र : 2020-21 में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों की योग्यता के आधार पर प्रवेश हेतु चयनित अभ्यर्थियों की सूची

 हैदराबाद केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर माननीय शिक्षा मंत्री द्वारा दिया गया उद्बोधन । कार्यक्रम का यूट्यूब वीडियो । फोटो अलबम । प्रेस विज्ञप्ति ।   

 शिक्षक दिवस (दि.: 05.09.2020) के अवसर पर केंद्रीय हिंदी संस्थान द्वारा आयोजित 'शिक्षकों से संवाद' कार्यक्रम - 'हिंदी शिक्षकों के समक्ष चुनौतियाँ' 

साहित्य अकादमी और केंद्रीय हिंदी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में डॉ. नगेंद्र जन्म- 

       शतवार्षिकी समारोहएवं लेखक से भेंट कार्यक्रम
परिचय
  • केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के उच्चतर विभाग द्वारा 1960 ई. में स्थापित स्वायत्त संगठन केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल द्वारा संचालित शिक्षण संस्था है। संस्थान मुख्यतः हिंदी के अखिल भारतीय शिक्षण-प्रशिक्षण, अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय प्रचार-प्रसार के लिए कार्य-योजनाओं का संचालन करता है।
  • संस्थान का मुख्यालय आगरा में स्थित है। इसके आठ केंद्र - दिल्ली (स्था. 1970), हैदराबाद (स्था. 1976), गुवाहाटी (स्था. 1978), शिलांग (स्था. 1987), मैसूर (स्था. 1988), दीमापुर (स्था. 2003), भुवनेश्‍वर (स्था. 2003) तथा अहमदाबाद (स्था. 2006) में सक्रिय हैं।

और..

विकास यात्रा

केंद्रीय हिंदी संस्थान की स्थापना सन् 1960 में हुई थी। तब से आज तक लगातार मंडल द्वारा निर्धारित लक्ष्यों एवं उद्देश्यों के अनुपालन में संस्थान हिंदी के शैक्षणिक विकास, बहुआयामी अनुसंधान और प्रचार-प्रसार के लिए अपनी गतिविधियों को विस्तार देता रहा है। पाँच दशकों से अधिक लंबी इस विकास-यात्रा के उल्लेखनीय पड़ावों की जानकारी इस खंड में बिंदुवार प्रस्तुत की जा रही है।

...और

विज़न 2021
  • आधुनिकतम संचार माध्यमों और सूचना प्रौद्योगिकी का हिंदी भाषा शिक्षण और दूर शिक्षा के लिए अधिकाधिक प्रयोग
  • यूनिकोड का व्यापक प्रचार और प्रसार
  • एक विशाल पोर्टल और बहुभाषी वेबसाइट
  • पॉप्युलर कल्चर के महत्त्व का रेखांकन, फ़िल्म लोक-नाट्य, कविसम्मेलन और मुशायरे
  • हिंदी की बोलियों का संरक्षण हो तथा देश-विदेश में नए केंद्रों की स्थापना
  • देश-विदेश के हिंदी के प्रख्यात साहित्य शिल्पियों के व्यक्तित्व और कृतित्व पर फ़िल्में बनाई जाएं
  • विश्व भर की संस्थाओं और विश्वविद्यालयों से सकर्मक जुड़ाव
  • मानकीकृत पाठ्यक्रमों का निर्माण एवं संचालन
  • विश्व के महान साहित्यिक कृतियों और ज्ञान-विज्ञान के ग्रंथों का हिंदी अनुवाद
  • जिन संस्थाओं के पास साधनों का अभाव है, हिंदी के विकास के लिए उनकी मदद

और..

फ़ोटो गैलरी

संस्थान की विविध गतिविधियों से संबंधित छवियों का विस्तृत संग्रह

और...

ओडियो-विजुअल गैलरी

स्वर्ण जयंती वीडियो

केंद्रीय हिंदी संस्थान की स्वर्ण जयंती

उपयोगी लिंक

हिंदी शिक्षण, हिंदी भाषा संसाधन और संवर्धन से जुड़ी उपयोगी सूचना एवं जानकारियों से जुड़ी वेबसाइटों और वेब-पोर्टलों के लिंक।

और...

ऑनलाइन पत्रिकाएँ

गवेषणा - अनुप्रयुक्त भाषाविज्ञान, भाषाशिक्षण तथा साहित्य चिंतन की त्रैमासिक शोध पत्रिका

प्रवासी जगत - प्रवासी जगत का साहित्य, साहित्यकार व संस्कृति केंद्रित पत्रिका

संवाद पथ - हिंदी जनसंचार एवं पत्रकारिता केंद्रित पत्रिका

शैक्षिक उन्मेष - शिक्षा जगत की शोध एवं विचार केंद्रित पत्रिका

भावक - हिंदी साहित्य-सृजन एवं चिंतन के विविध आयामों पर केंद्रित पत्रिका

समन्वय पश्चिम - पश्चिम भारत की भाषा, साहित्य एवं संस्कृति संबंधी चिंतन पर केंद्रित पत्रिका

समन्वय पूर्वोत्तर - पूर्वोत्तर भारत की भाषा, साहित्य एवं संस्कृति संबंधी चिंतन पर केंद्रित पत्रिका 

समन्वय दक्षिण - दक्षिण भारत की भाषा, साहित्य एवं संस्कृति संबंधी चिंतन पर केंद्रित पत्रिका

संस्थान समाचार - संस्थान मुख्यालय एवं इसके क्षेत्रीय केंद्रों का त्रैमासिक समाचार बुलेटिन


 

संस्थान प्रकाशन सूची - 2020