सोमवार, दिस 09

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पत्राचार पाठ्यक्रम विभाग

परिचय एवं उद्देश्य -
सरकारी-गैरसरकारी स्कूलों, कॉलेज के सेवारत हिंदी अध्यापकों, हिंदी सेवी संस्थाओं से संबद्ध नियमित हिंदी प्रचारकों के लिए संस्थान द्वारा अध्यापक शिक्षा में बी.एड. के समकक्ष मान्यता-प्राप्त दो वर्ष की अवधि का हिंदी शिक्षण पारंगत (पत्राचार-सह-संपर्क पाठ्यक्रम) 1981 से 2008 तक संचालित किया गया। इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य अहिंदी भाषा-भाषी राज्यों के मान्यता प्राप्त माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों के सेवारत हिंदी अध्यापकों को आधुनिक/वैज्ञानिक प्रणाली से प्रशिक्षित करना है। पाठ्यक्रम की अवधि 24 माह है।
अध्यापक शिक्षा के पत्राचार माध्यम के इस पाठ्यक्रम के अंतर्गत सेवारत अध्यापक अपने निवास स्थान रहते हुए और अपने विद्यालयों से बिना अनुपस्थिति रहे, पूरा प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। 'सह-सम्पर्क कार्यक्रम' (contact programme) के लिए मात्र आरंभ में प्रशिक्षणार्थियों को संस्थान द्वारा निर्धारित केंद्रों पर उपस्थित होना पड़ता है। सह-सम्पर्क कार्यक्रम की अवधि में प्रशिक्षणार्थी संस्थान के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में अपना शिक्षणाभ्यास (Teaching practice) पूर्ण करते है तथा पाठ्यक्रम के अन्य सैद्धांतिक विषयों का ज्ञान भी प्राप्त करते है।


 

कार्यकलाप -
विभाग द्वारा वर्ष 2008 तक पत्राचार विभाग द्वारा संचालित हिंदी शिक्षण पारंगत (पत्राचार) पाठ्यक्रम का संचालन किया गया। वर्तमान में यह पाठ्यक्रम का संचालन स्थगित है।


 

विभागीय सदस्य -
विभागाध्यक्ष
प्रोफेसर हरिशंकर, विभागाध्यक्ष
प्रशासनिक सदस्य
श्री विष्णुदेव यादव, उच्च क्षेणी लिपिक
श्री गोपाल सिंह चौहान, दफ़्तरी