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गवेषणा

अनुप्रयुक्त भाषाविज्ञान, भाषाशिक्षण तथा साहित्य चिंतन की पत्रिका (ISSN: 0435-1460)cover final 108  1

‘गवेषणा’ संस्थान की एक त्रैमासिक शोध पत्रिका है जिसे हिंदी अकादमिक जगत में महत्पूर्ण प्रतिष्ठा हासिल है।

इस पत्रिका का प्रकाशन संस्थान द्वारा 1960-62 के दौरान आरंभ किया गया था।

आरंभ में यह पत्रिका अर्धवार्षिक रूप में प्रकाशित होती थी। बाद में इसकी प्रकाशन अवधि त्रैमासिक कर दी गई। गवेषणा में हिंदी भाषाविज्ञान, भाषाशिक्षण, शिक्षण प्रविधि और साहित्य चिंतन से संबंधित अधिकारी विद्वानों द्वारा लिखे गए अनुसंधानपरक लेख, समीक्षाएँ और अद्‍यतन समाचार आदि समाहित रहते हैं।

अब तक इस पत्रिका के कुल 109 अंक प्रकाशित हो चुके हैं।

गवेषणा का अद्यतन अंक : 109/2016 (रामधारी सिंह दिनकर विशेषांक) आधुनिक हिंदी कविता और भारतीय साहित्य एवं संस्कृति की भावधारा परंपरा के मनीषि विद्वान पं. रामधारी सिंह दिनकर के व्यक्तित्व और कृतित्व पर केंद्रित है। 


 

गवेषणा के पिछले अंक 


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पता : संपादक गवेषणा

प्रकाशन विभाग, 

केंद्रीय हिंदी संस्थान, हिंदी संस्थान मार्ग, आगरा-282005 (भारत)

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