मंगलवार, सित 17

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उ जो किम

U jo Kim

प्रो. उ जो किम का नाम कोरिया में हिंदी की ध्‍वजा फहराने वाले प्रमुख हिंदी सेवी विद्वानों में एक हैं। मध्‍यकालीन हिंदी काव्‍य और आधुनिक भारतीय काव्‍य तथा साहित्‍य में इनकी विशेष रुचि है। प्रो. उ जो किम का जन्म 15 दिसम्बर 1953 में हुआ।

कार्यक्षेत्र

प्रो. किम कोरिया की हन्‍गुक यूनिवर्सिटी ऑफ फारेन स्‍टडीज में लगभग तीन दशकों से हिंदी का अध्‍यापन कर रही हैं और वर्तमान में इसी विश्‍वविद्यालय के भारतीय अध्‍ययन विभाग की विभागाध्‍यक्ष हैं। आप भारतीय अध्‍ययन कोरियाई संघ और दक्षिण एशिया अध्‍ययन संस्‍थान की अध्‍यक्ष/निदेशक भी रह चुकी हैं। प्रो. किम ने हिंदी के विकास और प्रसार-प्रचार के लिए अनेक अध्‍ययन केंद्रों की स्‍थापना की है। समसामयिक हिंदी साहित्‍य को वैश्विक परिदृश्‍य में स्‍थान दिलाने के लिए ये अध्‍ययन-अध्‍यापन, शोध, संगोष्‍ठी एवं सेमिनार के जरिए सक्रिय हैं।
‘आधुनिक हिंदी कविता में राष्‍ट्रीय चेतना’, ‘मध्‍यकालीन हिंदी काव्‍य’, ‘भारतीय साहित्‍य का इतिहास’ और ‘हिंदी भाषा का परिचयात्‍मक पाठ्यक्रम आदि इनकी प्रमुख पुस्‍तकें हैं।

सम्मान एवं पुरस्कार

प्रो. उ जो किम जैसी अप्रतिम हिंदी विदूषी को डॉ. जॉर्ज ग्रियर्सन पुरस्‍कार से सम्‍मानित करते हुए केंद्रीय हिंदी संस्थान गौरव का अनुभव करता है।

संपर्क

Dept. of Indian Studies, Hankuk University of Foreign         

Studies, 270, Imun-Dong, Dongdaemun-Gu, Seoul 130-791,  KOREA

फोन  –    082-10-8910-7275, 82-2-3426-6275

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