गुरुवार, अग 22

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काली शंकर

Kali-shankar

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में वरिष्‍ठ वैज्ञानिक रहे श्री काली शंकर ने भारत में संपन्‍न विभिन्‍न उपग्रह संचार परियोजनाओं एवं उपग्रह संचार प्रणाली के अनेक तंत्रों और उपतंत्रों के डिजाइन और विकास कार्यों में महत्‍वपूर्ण भागीदारी की है। श्री काली शंकर का जन्म 20 जुलाई, 1945 को हुआ।

कार्यक्षेत्र

अंतरिक्ष विज्ञान और अंतरिक्ष अन्‍वेषण के क्षेत्र में सक्रिय योगदान करने वाले श्री कालीशंकर वैज्ञानिक एवं तकनीकी साहित्‍य और उपकरण विकास के क्षेत्र में भी विशिष्‍ट योगदान है। इन्‍होंने हिंदी में बड़ी मात्रा में इस विषय पर लेखन कार्य कर हिंदी के एक बड़े अभाव की पूर्ति की है।  श्री काली शंकर एक हजार से अधिक आलेख विभिन्‍न राष्‍ट्रीय अंतर्राष्‍ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हैं। ‘अंतरिक्ष में विज्ञान’, ‘अंतरिक्ष अन्‍वेषण का स्‍वर्ण युग’, अंतरिक्ष में जीवन’, ‘ब्रह्माण्‍ड और टेलीस्‍कोप’ आदि इनकी चर्चित पुस्‍तकें हैं।

सम्मान एवं पुरस्कार

श्री काली शंकर को उनके योगदान के लिए डॉ. मेघनाद साहा एवार्ड, राजीव गांधी राष्‍ट्रीय ज्ञान विज्ञान एवार्ड, इंदिरा गांधी राजभाषा एवार्ड जैसे अनेक पुरस्‍कारों से सम्‍मानित किया जा चुका है।
ऐसे समर्पित वैज्ञानिक एवं हिंदी सेवी विद्वान को आत्‍माराम पुरस्‍कार से पुरस्‍कृत करते हुए केंद्रीय हिंदी संस्‍थान गर्व की अनुभूति कर रहा है।

संपर्क      

के-1058, आशियाना कॉलोनी, कानपुर रोड, लखनऊ-226012 (उ.प्र.)

फोन  –  09935793961
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