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शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों से संवाद

केन्द्रीय हिन्दी संस्थान, आगरा द्वारा आयोजित शिक्षक दिवस के अवसर पर

शिक्षकों से संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत ‘हिंदी शिक्षको के समक्ष चुनौतियाँ’ विषयक एक दिवसीय वेब संगोष्ठी
संयोजन : केंद्रीय हिंदी संस्थान, दिल्ली केन्द्र
तकनीकी समन्वय - सूचना तथा भाषा प्रौद्योगिकी विभाग, मुख्यालय आगरा
स्वागत भाषण और माननीय वक्ताओं का परिचय - प्रो० महेन्द्र सिंह राणा, क्षेत्रीय निदेशक, दिल्ली केंद्र
उद्घाटन उद्बोधन (वीडियो संदेश) - डॉ० रमेश पोखरियाल निशंक, माननीय शिक्षा मंत्री, भारत सरकार एवं अध्यक्ष, केन्द्रीय हिन्दी शिक्षण मंडल
विषय-प्रस्तावना - प्रो० बीना शर्मा, निदेशक, केंद्रीय हिंदी संस्थान
केन्द्रीय हिन्दी संस्थान की ‘भारतीय शिक्षा शास्त्री’ पुस्तक श्रृंखला के अन्तर्गत निर्मित पुस्तक‘डॉ० सर्वपल्ली राधाकृष्णन’ के ई पुस्तक संस्करण का विमोचन

संगोष्ठी संवाद के विद्वान वक्ताओं के उद्बोधन
१) सुप्रसिद्ध शिक्षाविद प्रो० जे०एस० राजपूत
२) भाषावैज्ञानिक प्रो० वी०रा० जगन्नाथन
३)वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव
अध्यक्षता - श्री अनिल शर्मा जोशी, माननीय उपाध्यक्ष, केन्द्रीय हिन्दी शिक्षण मंडल
संचालन - डॉ० प्रमोद शर्मा, एसोसिएट प्रोफ़ेसर, दिल्ली केंद्र
आभार वक्तव्य - प्रो० हरिशंकर, शैक्षिक समन्वयक, आगरा मुख्यालय

संगोष्ठी प्रतिवेदन

आगरा, ०५ सितंबर, २०२०।

केन्द्रीय हिन्दी संस्थान, आगरा द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों से संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत ‘हिंदी शिक्षको के समक्षचुनौतियाँ’ विषयक एक दिवसीय वेब संगोष्ठी सम्पन्न हुई। इसके संयोजन का दायित्व संस्थान के दिल्ली केन्द्र को दिया गया।तकनीकी समन्वय का कार्य मुख्यालय आगरा के सूचना तथा भाषा प्रौद्योगिकी विभाग ने किया।

शिक्षकों से संवाद कार्यक्रम का प्रारम्भ दिल्ली केंद्र के क्षेत्रीय निदेशक प्रो महेन्द्र सिंह राना के स्वागत भाषण और माननीय वक्ताओं केपरिचय से हुआ. इसके उपरांत डॉ० रमेश पोखरियाँ निशंक, माननीय शिक्षा मंत्री, भारत सरकार का वीडियो संदेश प्रसारित किया गया।मंत्री महोदय के उद्घाटन संबोधन के बाद संस्थान की निदेशक प्रो० बीना शर्मा ने विषय की प्रस्तावना रखी। इसी क्रम में शिक्षक दिवस केअवसर पर केन्द्रीय हिन्दी संस्थान की ‘भारतीय शिक्षा शास्त्री’ पुस्तक श्रृंखला के अन्तर्गत तैयार पुस्तक ‘डॉ० सर्वपल्ली राधाकृष्णन’ केई पुस्तक संस्करण का विमोचन उपाध्यक्ष महोदय द्वारा किया गया।

मुख्य संगोष्ठी संवाद के विद्वान वक्ता सुप्रसिद्ध शिक्षाविद प्रो० जे०एस० राजपूत, भाषावैज्ञानिक प्रो० वी०रा० जगन्नाथन और वरिष्ठपत्रकार राहुल देव थे जिन्होंने इस वेब संगोष्ठी में विभिन्न माध्यमों से जुड़े देश विदेश के हिंदी शिक्षको से संवाद किया। इन्होंने न केवलअपने सारगर्भित उद्बोधन से हिंदी शिक्षकों को प्रेरित किया बल्कि उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।

मुख्य वक्ता डॉ०जे०एस० राजपूत ने प्राथमिक स्तर पर महिला शिक्षको की नियुक्ति की ज़रूरत को रेखांकित किया। विद्यार्थियों कोशिक्षित करने में शिक्षक के साथ-साथ परिवार की भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि माता-पिता को समझाने का कामअध्यापको का है. उन्हें पढाया नहीं जा सकता, हाँ सिखाया अवश्य जा सकता है। शिक्षण के वृहद् लक्ष्यों की ओर संकेत करते हुएबताया कि सम्पूर्णता मनुष्य मे ह्रदय में है, उसका आविष्कार करना है। रामचरितमानस की चौपाई ‘रावण रथी राम रथहीना’ के उदाहरणसे समझाया कि धीरज और शौर्य से हर कठिन से कठिन रण जीता जा सकता है। भाषा का पहला काम संस्कृति को सुदृढ करना है।इसके लिए अध्ययन और चिन्तन-मनन जरूरी है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि हिंदी के संवर्धन के लिए हिन्दी संस्थानो को शोध करना है।

दूसरे वक्ता प्रसिद्ध भाषा शिक्षणविद् प्रो० जगन्नाथन ने हिंदी के विकास के लिए समग्रता की दृष्टि लेकर चलने की बात ज़ोर देकर कही।भारतीय भाषाओं की सर्वांगीण उन्नतियाँ लिए त्रिभाषा सूत्र का सही तरीके से पालन करने पर बल दिया और बताया कि नये युग मेंप्रौद्योगिकी की सहायता से भाषा अध्यापकों को बेहतर ढंग से तैयार किया जा सकता है.

जाने-माने पत्रकार और भाषा चिंतक राहुल देव ने अपने संबोधन में कहा हिन्दी जीवन की भाषा है। आज हिन्दी अध्यापक हिन्दी विरोधीवातावरण में काम कर रहा है।उसे वह मान सम्मान प्राप्त नहीं जिसका वह अधिकारी है। इस स्थिति को बदलने के लिए हिन्दी अध्यापकोअपनी पूरी ऊर्जा और प्रौद्योगिकी इसमें लगा देनी है। उनका कहना था कि हिंदी प्रेम के नाम पर दूसरी भाषाओं से बचना बिदकना और कतराना नहीं है बल्कि उनमें उपलब्ध श्रेष्ठ ज्ञान संपदा का समुचित उपयोग करना है।

इस वेब संगोष्ठी कार्यक्रम के अध्यक्ष केन्द्रीय हिन्दी शिक्षण मंडल के माननीय उपाध्यक्ष श्री अनिल शर्मा जी थे। उन्होंने अपने उद्बोधन मेंहिंदी के भविष्यगामी विकास के लिए भाषा प्रौद्योगिकी से जुडने, अन्य भाषाओं के साहित्य को हिंदी अनूदित कर संस्थान वेबसाइट केमाध्यम से व्यापक उपयोग हेतु उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ० प्रमोद शर्मा, एसोसिएट प्रोफ़ेसर, दिल्ली केंद्र ने किया।


 

माननीय शिक्षा मंत्री का वीडियो संदेश यूट्यूब चैनल पर :
https://youtu.be/7m7dCGQkk8Q


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