मंगलवार, जून 25

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शैक्षिक कार्यक्रम मैसूर केंद्र

नवीकरण पाठ्यक्रम- अब तक 211 नवीकरण पाठ्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें 7944 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

प्रसार कार्यक्रम

  1. राष्ट्रीय संगोष्ठियॉं- सत्र 2005-06 में 'हिंदी एवं दक्षिण भारतीय भाषाओं में आधुनिकीकरण की प्रक्रिया' सत्र 2007-08 में 'डॉ. हजारी प्रसाद द्विवेदी जन्म शताब्दी समारोह तथा द्विवेदी एक पुनर्मुल्यांकन' 2008-09 में 21वीं सदी में भाषा शिक्षण की समस्याएँ तथा सत्र 2009-10 में 'भाषा प्रौद्योगिकी के विविध आयाम' विषयों पर राष्ट्रीय संगोष्ठियाँ आयोजित की गईं।
  2. लघु संगोष्ठियां- विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से केंद्र द्वारा सत्र 2007-08 में 'अनुवाद-एक सांस्कृतिक सेतु' सत्र 2007-08 में 'हिंदी एवं दक्षिण भारतीय भाषाओं में राष्ट्रीय चेतना-एक तुलना' सत्र 2007-08 में 'बच्चन जन्म शताब्दी समारोह एवं संगोष्ठी' सत्र 2009-10 में श्री विष्णु प्रभाकर की साहित्यिक चेतना' तथा 'आधुनिक हिंदी साहित्य' में जनवादी चेतना' विषयों पर संगोष्ठियॉं आयोजित की गईं।
  3. नराकास कार्यशालाएँ- वर्ष 2005 से अब तक तीन कार्यशालाएँ आयोजित की गईं, जिनमें 77 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
  4. नराकास प्रतियोगिताएँ- वर्ष 2005 से अब तक तीन प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं, जिनमें 63 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
  5. संस्थान के मैसूर केंद्र के कार्यक्रमों को रूप देने के लिए एक शैक्षिक समिति कार्य कर रही है, जिसकी सदसयता निम्न प्रकार से है- 

आंतरिक

  1. प्रो. एम. ज्ञानम, क्षेत्रीय निदेशक, केद्रीय हिन्दी संस्थान, मैसूर केंद्र
  2. डॉं. पल्लव विष्णु, प्रवक्ता, केंद्रीय हिन्दी संस्थान, मैसूर केंद्र

बाह्य

  1. प्रो. कुसुमगीता, पूर्व विभागाध्यक्ष, हिन्दी विभाग, मैसूर वि.वि.
  2. डॉं. के.वी.वी.एल. नरसिंह राव, पूर्व प्रधानाचार्य, दक्षिण प्रांतीय भाषा केंद्र, भारतीय भाषा संस्थान, मैसूर
  3. श्री एम.एम. रामचंद्र, सेवा निवृत्त प्राध्यापक, सरकारी हिंदी- शिक्षण प्रशिक्षण महाविद्यालय, मैसूर