शुक्रवार, दिस 06

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मैसूर केंद्र

परिचय -

मैसूर केंद्र की स्थापना वर्ष 1988 में हुई। केंद्र का प्रमुख कार्य हिंदी का शिक्षण-प्रशिक्षण एवं हिंदी का प्रचार-प्रसार करना है। मैसूर केंद्र हिंदी के शिक्षण-प्रशिक्षण के अंतर्गत, प्राइमरी, हाईस्कूल, इण्टरमीडिएट के हिंदी शिक्षकों के लिए हिंदी शिक्षण की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान कराने के लिए 3-4 सप्ताह के लघुअवधीय नवीकरण पाठ्यक्रमों का आयोजन तथा विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के हिंदी अध्यापकों के लिए 2 सप्ताह के प्रयोजनमूलक पाठ्यक्रमों का संचालन करता है। केंद्र द्वारा प्रचार-प्रसार के अंतर्गत सरकारी अधिकारियों, अनुवादकों और वैज्ञानिकों के लिए 1 सप्ताह के राजभाषा, अनुवाद एवं तकनीकी पाठ्यक्रम भी चलाए जाते हैं। केंद्र का कार्यक्षेत्र पहले केवल कर्नाटक राज्य था। 1992 से इसके कार्यक्षेत्र में कर्नाटक राज्य के साथ केरल और केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप भी शामिल कर दिए गए है।

स्थापना

केंद्रीय हिंदी संस्थान का मैसूर केंद्र 1988 में प्रांरभ किया गया। इसके अंतर्गत केरल, कर्नाटक राज्य तथा लक्षद्वीप आते हैं।

उद्देश्य -

राज्य में सेवारत हिंदी शिक्षकों के लिए लघुअवधीय नवीकरण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन नवीकरण कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों को भाषाशिक्षण की नवीन प्रविधियों से परिचित कराया जाता है तथा मानक हिंदी के प्रयोग के प्रति उनमें सतत जागरूकता बनाये रखने का प्रयास किया जाता है।

केंद्र पर पदस्थ सदस्य -


शैक्षिक वर्ग

डॉ. परमान सिंह, असि. प्रोफ़ेसर, क्षेत्रीय निदेशक

प्रशासनिक वर्ग -

  1. श्री लक्ष्मीनारायण गुप्ता (पुस्तकालय लिपिक)
  2. श्री एन. के. राघवेंद्र   (चौकीदार)
  3. श्री बलबहादुर थापा (चपरासी)
  4. श्री आर. शिवरामु   (सफाई कर्मचारी)

संपर्क स्थल -


केंद्रीय हिंदी संस्थान, मैसूर केंद्र,
वायु सेना चयन समिति के समीप,
मैसूर मिल्क डेयरी के पीछे,
सिद्धार्थ नगर, मैसूर-570011(कर्नाटक)
दूरभाष: 0821-2543252
फैक्स: 0821-2543252