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दिल्ली केंद्र

KHS-Delhi

दिल्ली केंद्र की स्थापना वर्ष 1970 में हुई। सर्वप्रथम राजभाषा क्रियान्वयन योजना के लिए केंद्रीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए गहन हिंदी शिक्षण कार्यक्रम और विदेशों में हिंदी प्रचार-प्रसार के अंतर्गत विदेशियों के लिए हिंदी शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए गए। कार्याधिक्य के कारण वर्ष 1993 में विदेशियों के लिए शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यक्रम की छात्रवृत्ति आधारित योजना आगरा मुख्यालय में स्थानांतरित कर दी गई।

वर्तमान में दिल्ली केंद्र में स्ववित्त पोषित योजना के अंर्तगत विदेशियों के लिए हिंदी पाठ्यक्रम, सांध्यकालीन पोस्ट एम.ए. अनुप्रयुक्त हिंदी भाषाविज्ञान डिप्लोमा, पोस्ट एम.ए. अनुवाद सिद्धांत एवं व्यवहार डिप्लोमा तथा पोस्ट एम.ए. जनसंचार एवं पत्रकारिता पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। पंजाब एवं जम्मू-कश्मीर राज्यों के स्कूल एवं कॉलेज स्तर के हिंदी अध्यापकों के लिए 3 से 4 सप्ताह के नवीकरण पाठ्यक्रमों का आयोजन भी दिल्ली केंद्र द्वारा किया जाता है।

स्थापना

भारत सरकार के शिक्षा एवं समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा सन् 1961 में केंद्रीय हिंदी संस्थान के शासी निकाय केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल की स्थापना की गई थी तथा अखिल भारतीय स्तर पर हिंदी के शिक्षण प्रशिक्षण और शोध- कार्य के लिए 1963 में केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा की स्थापना की गई थी। 

1970 में संस्थान ने दिल्ली में अपने एक परिसर की स्थापना की, जिसे बाद में दिल्ली केन्द्र के रूप में मान्यता मिली। 1969 में शिक्षा मंत्रालय में भाषा वैज्ञानिकों की राष्ट्रीय संगोष्ठी हुई थी, जिसमें यह प्रस्ताव रखा गया था कि भारत सरकार के वरिष्ठतम अधिकारियों के लिए, विशेष रूप से 'तीन महीने का गहन हिंदी शिक्षण' कार्यक्रम प्रारंभ किया जाए क्योंकि वरिष्ठ अधिकारी अपने कार्यो को छोड़कर हिंदी- शिक्षण योजना की कक्षाओं में जा नही पाते। इस संदर्भ में मंत्रालय ने संस्थान से कहा कि वह इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए तीन महीने की अवधि के गहन हिंदी शिक्षण पाठ्यक्रम की योजना प्रस्तुत करे और दिल्ली में वरिष्ठ अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए आवश्यक व्यवस्था करे।


केंद्र पर पदस्थ सदस्य -

शैक्षिक वर्ग -
प्रोफ़ेसर महेंद्र सिंह राणा, क्षेत्रीय निदेशक
डॉ. प्रमोद कुमार शर्मा (एसो. प्रोफ़ेसर)
डॉ. मंजु राय (एसो. प्रोफ़ेसर)
डॉ. योगेंद्र कुमार (एसो. प्रोफ़ेसर)
डॉ. अपर्णा सारस्वत (एसो. प्रोफ़ेसर)
डॉ. ऋचा गुप्त (असि. प्रोफ़ेसर)

 

लघु हिंदी विश्वकोश परियोजना -
प्रोफेसर इंद्रनाथ चौधरी, प्रधान संपादक (अवै.)
डॉ. अपर्णा सारस्वत, (एसो. प्रोफ़ेसर), परि. प्रभारी
डॉ. पराक्रम सिंह, परियोजना सहायक (अनुबंध)
योगेंद्र सिंह राणा, डा़टा आपरेटर (अनुबंध)
श्री प्रभाकर, कार्मिक (अनुबंध)

पत्रिका प्रकाशन -

डॉ. स्वर्ण अनिल, प्रकाशन सलाहकार (अनुबंध)

सुश्री नम्रता, लिपिक

प्रशासनिक वर्ग - 
आकाश बाबू जैन (कनिष्ठ पुस्तकालय सहायक)
श्रीमती रजनी (कनिष्ठ आशुलिपिक)
श्री योगेंद्र प्रसाद सिंह (लघु श्रेणी लिपिक)
श्री मनवर सिंह बिष्ट (लघु श्रेणी लिपिक)
श्री राजेश कुमार (लघु श्रेणी लिपिक) - मंत्रालय में पदस्थ

श्री कृष्णा कुमार, मान. उपाध्यक्ष के निजी सहायक, को-टर्मिनस)

श्री दलबीर सिंह (वाहन चालक)
श्रीमती मंथा रावत (छात्रावास परिचारिका)
श्रीमती यशोदा रावत (चपरासी)
श्री जगदीश प्रसाद (सफ़ाई कर्मचारी)
श्री शत्रुघ्न महतो (दफ्तरी) -मंत्रालय में पदस्थ
श्री राजेश कुमार (चपरासी) - मंत्रालय में पदस्थ
श्री बीर सिंह (सफ़ाई कर्मचारी) - प्रतिनियुक्ति पर
बलबहादुर थापा (चपरासी) - मंत्रालय में पदस्थ
सुश्री स्नेहलता रावत (चपरासी)