शनिवार, अक्टू 19

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आधारिक संरचनाएँ गुवाहाटी केंद्र

भवन-

पहले यह केंद्र गणेशगुड़ी तथा काहिलीपाड़ा गुवाहाटी में किराए के भवन में चल रहा था। वर्तमान में यह असम राष्ट्रभाषा प्रचार सभा, गुवाहाटी के पुराने भवन में (किराए के) चल रहा है।

पुस्तकालय-

गुवाहाटी केंद्र का अपना एक संपन्न पुस्ताकलय भी है, जिसमें विभिन्न विषयों, भाषा विज्ञान, साहित्य, हिंदी संरचना, अनुवाद आदि की पुस्तकें उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त स्थानीय एवं अखिल भारतीय स्तर की पत्र-पत्रिकाएँ नियमित रूप से आती हैं, जिनका अपयोग छात्र एवं स्थानीय विद्वान करते हैं।

प्रसार कार्यक्रम गुवाहाटी केंद्र

  1. राष्ट्रीय संगोष्ठी- दि, 17.05.2007 को 'विश्वमंच पर हिंदी' एवं दिन. 26.03.2010 से 27.03.2010 तक पूर्वोत्तर में हिंदी अधिगम एवं शिक्षण की चुनौतियाँ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
  2. कार्यशाला- कर्मचारी चयन आयोग' के कर्मचारियों के लिए दि. 25.01.2002 से 31.01.2002 तक एवं 'केंद्रीय रेशम बोर्ड के अधिकारियों के लिए दि. 10.07.2002 से 12.07.2002 तक कार्यशालाओं का आयोजित किया गया।
  3. प्रसार व्याख्यान माला - समय-समय पर प्रसार व्याख्यानमालाओं का अयोजन किया गया, जिसमें 10.08.2009 को 'अरूणाचल में हिंदी अध्यापन की समस्याएँ और समाधान' 31.08.2009 को 'हिंदी एवं असमी लिपि व्यवस्था एवं वाक्य संरचना' 24.11.2009 को अरूणाचल प्रदेश में हिंदी शिक्षण की समस्याएँ और समाधान' 11.02.2010 को 'बहुलवादी भारत और हिंदी' 18.02.2010 को हिंदी का भक्ति काव्य : प्रासंगिकता' विषय पर विद्वानों ने अपने विचार व्यक्त किए।

शैक्षिक कार्यक्रम गुवाहाटी केंद्र

केंद्र द्वारा नवीकरण पाठ्यक्रम, उच्च नवीकरण पाठ्यक्रम, कार्यशालाएँ, शैक्षिक सामग्री निर्माण, कार्यशालाएँ एवं इन राज्यों में हिंदी प्रचार प्रसार से संबंधित विचार गोष्ठियों एवं संगोष्ठियों का आयोजन किया जाता है। इसके अतिरिक्त केंद्र द्वारा 2005-2006 से नियमित पाठ्यक्रमों के रूप में 'हिंदी शिक्षण प्रवीण' एवं 'स्नातकोत्तर अनुवाद सिद्घात एवं व्यवहार डिप्लोमा' भी आरंभ किए गए थे।

नवीकरण पाठ्यक्रम-वर्ष 1976 से दिसंबर, 2010 तक 188 नवीकरण पाठ्यक्रम आयोजित हुए जिसमें कुल 5585 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

हिंदी शिक्षण प्रवीण- सत्र 2007-2009 तक कुल 49 छात्रों ने प्रवेश लिया।

स्नातकोत्तर अनुवाद सिद्घांत एवं व्यवहार डिप्लोमा- सत्र 2007-2009 तक कुल 50 छात्रों ने प्रवेश लिया।