शुक्रवार, दिस 13

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संस्थान परिसर में मूर्तियों का अनावरण

संस्थान परिसर में पद्मविभूषण मोटूरि सत्यनारायण और डॉ. रामविलास शर्मा की मूर्तियों का अनावरण

केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के प्रांगण में दि. 11 फरवरी, 2008 को बसंत पंचमी और निराला-जयंती के दिन केंद्रीय हिंदी संस्थान के संस्थापक पद्‍मभूषण स्व. मोटूरि सत्यनारायण और हिंदी के प्रसिद्ध आलोचक डॉ. रामविलास शर्मा की प्रतिमाओं का अनावरण केंद्रीय हिंदी शिक्षण मण्डल के उपाध्यक्ष प्रो. रामशरण जोशी ने किया। संस्थान प्रांगण में आयोजित इस भव्य समारोह में पूरे देश और आगरा शहर से विशिष्ट विद्वान उपस्थित थे।

प्रो. रामशरण जोशी ने अपने व्यक्तव्य में कहा कि आज संस्थान के इतिहास का गौरवपूर्ण दिन है। हिंदी के लिए पद्मविभूषण मोटूरि सत्यनारायण और डॉ. रामविलास शर्मा के अवदान को किसी भी स्थिति में भुलाया नहीं जा सकता। मोटूरि सत्यनारायण और रामविलास शर्मा भाषा के विकास को समाज के विकास के साथ जोड़कर देखते थे।

मोटूरि जी के जीवनबंधु एवं शिक्षाविद् एम. सुब्रह्मण्यम् ने कहा कि मोटूरि जी हिंदी के गौरीशंकर के शिखर थे।

डॉ. रामविलास शर्मा के भाई श्री रामशरण शर्मा ‘मुंशी’ ने कहा कि रामविलास जी बड़े अध्ययनशील थे और वे मानते थे कि हिंदी तथा भारतीय भाषाओं की सम्मिलित लड़ाई साम्राज्यवाद से है।

रामविलास जी के पुत्र श्री विजयमोहन शर्मा ने कहा कि आगरा में रामविलास जी ने अपने जीवन के 20 वर्ष व्यतीत किए। उन्होंने दीर्घ अवधि तक आगरा के आर.बी.एस. कॉलेज में अध्यापन किया, अतः उनकी प्रतिमा के लिए यही नगर सबसे उपयुक्त था।

संस्थान के पूर्व रीडर डॉ. विजयराघव रेड्डी ने कहा कि मोटूरि जी और हिंदी प्रचार दोनों समानार्थक शब्द हैं।

आगरा के मण्डलायुक्त श्री सीताराम मीणा ने आगरावासियों के लिए इस दिन को महत्त्वपूर्ण बताया।

अध्यक्षीय उद्‍बोधन में संस्थान के निदेशक प्रो. शंभुनाथ ने कहा कि मोटूरि जी और रामविलास जी की प्रतिमाओं की एक साथ स्थापना व अनावरण दक्षिण और उत्तर का महान संगम है। उन्होंने कहा कि ये दोनों मूर्तियाँ, सिर्फ मूर्तियाँ नहीं, बल्कि विचार हैं। ये निष्प्राण हैं, पर निर्वाक नहीं। इन दोनों विभूतियों ने खाइयों की जगह पुल बनाया है। हम हिंदी को सेवा की भाषा बनाएँगे, सेवन की भाषा नहीं बनने देंगे।

कार्यक्रम के अंत में संस्थान के कुलसचिव डॉ. चंद्रकांत त्रिपाठी ने सभी अतिथियों, उपस्थित गणमान्य नागरिकों और संस्थान परिवार के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. ज्योत्स्ना रघुवंशी ने किया।