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केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा में नवनिर्मित अटल बिहारी वाजपेयी अंतरराष्ट्रीय सभागार का उद्घाटन

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केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा में नवनिर्मित अटल बिहारी वाजपेयी अंतरराष्ट्रीय सभागार का उद्घाटन आज दिनांक 11.12.2017 को माननीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री, भारत सरकार डॉ. सत्य पाल सिंह के कर कमलों से हुआ।

Picture3सर्वप्रथम माननीय राज्य मंत्री डॉ. सत्य पाल सिंह ने संस्थान परिसर स्थित पद्मभूषण डॉ. मोटूरि सत्यनारायण तथा डॉ. रामविलास शर्मा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए तत्पश्चात् नवनिर्मित अटल बिहारी वाजपेयी अंतरराष्ट्रीय सभागार का उद्घाटन स्वचालित पर्दे का बटन दबाकर तथा सभागार के प्रवेश द्वार पर श्रीफल फोड़कर किया।

उद्घाटन समारोह के अवसर पर माननीय राज्य मंत्री के साथ केंद्रीय हिंदी शिक्षण मण्डल, आगरा के उपाध्यक्ष डॉ. कमल किशोर गोयनका, संस्थान के निदेशक प्रो. नन्द किशोर पाण्डेय, फतेहपुर सीकरी के सांसद चौधरी बाबूलाल, क्षेत्रीय विधायक श्री जगनप्रसाद गर्ग, चौधरी उदयभान सिंह एवं श्री योगेंद्र उपाध्याय सहित संस्थान के पूर्व एवं वर्तमान अध्यापक, प्रशासनिक सदस्य, स्वदेशी व विदेशी छात्रों सहित शहर के अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

उद्घाटन कार्यक्रम के उपरांत माननीय मंत्री महोदय ने सभागार का संदर्शन किया, उसके बाद सभी मंचस्थ अतिथियों ने सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया। इसके साथ ही स्वदेशी एवं विदेशी छात्र-छात्राओं द्वारा मंत्रोच्चारण, सरस्वती वंदना एवं संस्थान गीत प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात् माननीय मंत्री महोदय का संस्थान के उपाध्यक्ष एवं निदेशक ने पुष्प गुच्छ, श्रीफल एवं शॉल भेंटकर स्वागत किया। साथ ही निदेशक महोदय द्वारा सभी मंचासीन अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ एवं शॉल द्वारा किया गया।

इसके पश्चात् संस्थान के निदेशक प्रो. नन्द किशोर पाण्डेय द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत कर संस्थान का परिचय प्रस्तुत किया, जिसमें संस्थान की विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। इसके बाद स्वदेशी एवं विदेशी छात्रों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई, जिसमें सर्वप्रथम श्रीलंका की छात्राओं द्वारा ‘सिंहली’ नृत्य प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात् उज़बेकिस्तान की छात्रा ज़िलोला ने अटल बिहारी वाजपेयी की कविता ‘हार नहीं मानूँगा’ प्रस्तुत की। श्रीलंका की छात्रा हंसिका ने ‘ठुमक चलत रामचंद्र’ भजन प्रस्तुत किया। अरूणाचल प्रदेश एवं नागालैण्ड की छात्राओं ने ‘गालो’ नृत्य, विदेशी छात्राओं ने कत्थक नृत्य, स्वदेशी-विदेशी छात्रों ने देशभक्ति गीत ‘मेरे प्यारे देश, तेरा कोटि-कोटि वंदन’ प्रस्तुत किया। नागालैण्ड के छात्रों द्वारा ‘बैंबू’ नृत्य प्रस्तुत किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंत में स्वदेशी-विदेशी छात्राओं द्वारा राजस्थानी नृत्य की सुंदर प्रस्तुति की गई।

Picture1सांस्कृतिक कार्यक्रम के पश्चात् केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा द्वारा प्रकाशित ‘हिंदी-मणिपुरी अध्येता कोश’, अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग की पत्रिका ‘प्रवासी जगत’, अध्यापक शिक्षा विभाग की पत्रिका ‘शैक्षिक उन्मेष’ का विमोचन माननीय मंत्री महोदय एवं सभी मंचासीन अतिथियों द्वारा किया गया।

विमोचन के पश्चात् माननीय मंत्री महोदय ने अपने उद्बोधन में कहा कि विदेशी छात्रों को हिंदी और भारतीय संस्कृति सिखाकर केंद्रीय हिंदी संस्थान भारत के सांस्कृतिक राजदूत तैयार कर रहा है, जो अपने-अपने देशों में जाकर हिंदी भाषा एवं भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार करेंगे। उन्होंने हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने पर बल दिया। सबसे पहले भारत में जिसने हिंदी की महत्ता स्थापित की, वह स्वामी दयानंद सरस्वती थे। 1919 में कांग्रेस के अमृतसर अधिवेशन में स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने हिंदी में पहला भाषण दिया। हिंदी भाषा के विकास में स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि यदि हमें अपनी संस्कृति को जीवित रखना है, तो हमें हिंदी को जीवंत रखना होगा।

अध्यक्षीय उद्बोदन में केंद्रीय हिंदी शिक्षण मण्डल, आगरा के उपाध्यक्ष डॉ. कमल किशोर गोयनका ने मंत्री महोदय से अनुरोध किया कि केंद्रीय हिंदी संस्थान को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्ज़ा प्रदान किया जाए, ताकि भविष्य में संस्थान हिंदी के प्रचार-प्रसार में और अधिक योगदान कर सके। वर्तमान में मॉरीशस, जर्मनी, फ्रांस, अमेरिका आदि देशों से संस्थान की शाखाएँ खोलने का प्रस्ताव है, इस संबंध में गंभीरतापूर्वक विचार किया जाए।

अंत में संस्थान के निदेशक प्रो. नन्द किशोर पाण्डेय ने मंत्री महोदय, सभी गणमान्य अतिथियों एवं आगंतुकों का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम का संचालन संस्थान की कुलसचिव प्रो. बीना शर्मा ने किया।