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वर्ष 2015 के हिंदी सेवी सम्मान पुरस्कारों की घोषणा

केंद्रीय हिंदी संस्थानआगरा

हिंदी सेवी सम्मान योजना के तहत

वर्ष 2015 के लिए पुरस्कृत हिंदी सेवी विद्वानों की घोषणा संबंधी

प्रेस विज्ञप्ति

दिनांकः 10 अप्रैल, 2017                                                             स्थानः केंद्रीय हिंदी संस्‍थान, आगरा

 

      केंद्रीय हिंदी संस्‍थान, आगरा मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार के उच्‍चतर शिक्षा विभाग (भाषा प्रभाग) के अंतर्गत द्वितीय और विदेशी भाषा के रूप में हिंदी के शिक्षण-प्रशिक्षणअनुसंधान और बहुआयामी विकास के लिए कार्यरत एक अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर की शैक्षिक संस्था है। इसका संचालन स्वायत्त संगठन केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल द्वारा किया जाता है।

      राष्‍ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर हिंदी के विकास, प्रचार-प्रसार और प्रोत्‍साहन में संस्‍थान की महत्‍वपूर्ण भूमिका रही है। हिंदी राष्‍ट्रीय एकता और समन्‍वय की एक महत्‍वपूर्ण कड़ी है। राजभाषाराष्ट्रभाषा और संपर्क भाषा के रूप में विभिन्न भारतीय भाषाओं से आपसी संवाद को बढ़ाते हुए भारत की समावेशी संस्कृति के विकास की भी ज़िम्मेदारी इस पर है। यही तथ्य केंद्रीय हिंदी संस्थान की स्थापना और इसके हर कार्यक्रम के मूल में विद्यमान रहा है। संस्थान विदेशों में हिंदी भाषा और उसके माध्यम से आधुनिक भारत की चेतना और उसके लोकतांत्रिक मूल्यों को भी प्रसारित करने के लिए संकल्पित है।

      अपने दायित्व को निभाते हुए संस्थान द्वारा अखिल भारतीय हिंदी सेवी सम्मान योजना के अंतर्गत विगत वर्षों अर्थात् वर्ष 2014 तक सात अलग-अलग पुरस्कार श्रेणियों के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 14 हिंदी सेवी विद्वानों को प्रति वर्ष सम्मानित किया जाता रहा है। हिंदी के प्रचार-प्रसार की इन श्रेणियों का विस्‍तार करते हुए वर्ष 2015 से 12 पुरस्‍कार श्रेणियों के अंतर्गत विभिन्‍न क्षेत्रों में उल्‍लेखनीय कार्य करने वाले 26 हिंदी सेवी विद्वानों को पुरस्‍कृत करने का निर्णय मंडल की शासी परिषद् द्वारा लिया गया है।

      हिंदी सेवी सम्मान योजना की शुरूआत सन् 1989 में हुई थी। पुरस्कृत विद्वानों को संस्थान की ओर से भारत के माननीय राष्ट्रपति द्वारा एक लाख रुपएशॉल तथा प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित/ पुरस्कृत किया जाता रहा है। वर्ष 2015 से पुरस्‍कार राशि में भी अभिवृद्धि कर इसे रुपए पाँच लाख कर दिया गया है।

      इस योजना के अंतर्गत वर्ष 1989 से 2014 तक गंगाशरण सिंह पुरस्‍कार से 119 विद्वानों को, गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्‍कार से 59 विद्वानों को, आत्‍माराम पुरस्‍कार से 57 विद्वानों को, सुब्रह्मण्‍य भारती पुरस्‍कार से 60 विद्वानों को, महापण्डित राहुल सांकृत्‍यायन पुरस्‍कार से 44 विद्वानों को, डॉ. जार्ज ग्रियर्सन पुरस्‍कार से 22 विद्वानों को तथा पद्मभूषण डॉ. मोटूरि सत्‍यनारायण पुरस्‍कार से 13 विद्वानों को सम्‍मानित किया जा चुका है। इस प्रकार अब तक विभिन्न श्रेणियों में कुल 374 विद्वान सम्मानित/पुरस्‍कृत किए जा चुके हैं।

      हिंदी सेवी सम्मान योजना के अंतर्गत वर्ष 2015 में विभिन्‍न 12 श्रेणियों में सम्मानित किए जाने वाले कुल 26 विद्वानों के नामों की सूची आज दिनांक 10 अप्रैल, 201(सोमवार) को केंद्रीय हिंदी संस्‍थान के मुख्‍यालय आगरा में केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल के माननीय उपाध्यक्ष डॉ. कमल किशोर गोयनका की अध्यक्षता में आयोजित प्रेस कॉन्फ़्रेंस में मंडल के सचिव प्रो. नन्‍द किशोर पाण्‍डेय, निदेशक, केंद्रीय हिंदी संस्‍थान द्वारा जारी की गई।

      इस अवसर पर संस्‍थान मुख्‍यालय के सभी विभागाध्‍यक्ष, कुलसचिव प्रो. बीना शर्मा तथा अन्‍य शैक्षिक एवं प्रशासनिक सदस्‍य भी उपस्थित रहे।

 

वर्ष 2015 के पुरस्‍कारों से सम्मानित होने वाले विद्वानों की सूची पुरस्‍कार क्षेत्रवार निम्‍नवत है -

 

गंगाशरण सिंह पुरस्‍कार [हिंदी प्रचार-प्रसार व हिंदी प्रशिक्षण के क्षेत्र में उल्‍लेखनीय कार्य के लिए]

 

  1. प्रो. एस. शेषारत्‍नम्, विशाखापट्टणम (आंध्र प्रदेश)
  2. डॉ. एम. गोविन्‍द राजन, चेन्‍नई (तमिलनाडु)
  3. प्रो. हरमहेन्‍द्र सिंह बेदी,
  4. प्रो. एच. सुबदनी देवी, इम्‍फाल (मणिपुर)

 

(2)            गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्‍कार [(i) हिंदी पत्रकारिता तथा (ii) जनसंचार के क्षेत्र में उल्‍लेखनीय कार्य के लिए]

 

  1. श्री बल्‍देव भाई शर्मागाजियाबाद (उ.प्र.)
  2. श्री राहुल देव, गुरुग्राम (हरियाणा)

 

आत्‍माराम पुरस्‍कार [(i) विज्ञान तथा (ii) चिकित्‍सा विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के  क्षेत्र में उल्‍लेखनीय कार्य के लिए]

 

  1. डॉ. गिरीश चन्‍द सक्‍सैना,   आगरा (उ.प्र.)
  2. डॉ. फणी भूषण दास,   बिहार

 

सुब्रह्मण्‍य भारती पुरस्‍कार [(i) सर्जनात्‍मक एवं (ii) आलोचनात्‍मक क्षेत्र में उल्‍लेखनीय कार्य के लिए]

 

  1. प्रो. सूर्य प्रसाद दीक्षित,   लखनऊ (उ.प्र.)
  2. श्रीमती चन्‍द्रकान्‍ता,   गुड़गांव (हरियाणा)

 

महापंडित राहुल सांकृत्‍यायन पुरस्‍कार [हिंदी माध्‍यम से ज्ञान के विविध क्षेत्र, पर्यटन एवं पर्यावरण से संबंधित क्षेत्र में मौलिक अनुसंधान के लिए]

 

  1. श्रीमती चित्रा मुद्गल,   दिल्‍ली
  2. डॉ. जयप्रकाश कर्दम,   दिल्‍ली

 

(7)            डॉ. जॉर्ज ग्रियर्सन पुरस्‍कार  [विदेशी हिंदी विद्वान को विदेशों में हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं लेखन में उल्‍लेखनीय कार्य के लिए]

 

  1. प्रो. ताकेशी फुजिइ (Prof. FUJII TAKESHI)  (जापान)
  2. प्रो. गब्रिइलानिक इलिएवा (Prof. GABRIELA NIK. ILIEVA) (न्‍यूयार्क)

 

पद्मभूषण डॉ. मोटूरि सत्‍यनारायण पुरस्‍कार [किसी आप्रवासी भारतीय विद्वान को विदेशों में हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं लेखन में उल्‍लेखनीय कार्य के लिए]

 

  1. डॉ. पुष्पिता अवस्‍थी  (नीदरलैण्‍ड)
  2. डॉ. पद्मेश गुप्‍त  (लंदन)

 

सरदार वल्‍लभ भाई पटेल पुरस्‍कार [(i) कृषि विज्ञान एवं (ii) राष्‍ट्रीय एकता के क्षेत्र में उल्‍लेखनीय लेखन कार्य के लिए]

 

  1. डॉ. बी. आर. छीपा,   बीकानेर (राजस्‍थान)  
  2. श्री दयाप्रकाश सिन्‍हा,   नोएडा

 

दीनदयाल उपाध्‍याय पुरस्‍कार [(i) मानविकी के क्षेत्र में एवं (ii) कला, संस्‍कृति एवं विचार की भारतीय चिंतन परंपरा के क्षेत्र में उल्‍लेखनीय कार्य के लिए]

 

  1. डॉ. महेश चन्‍द्र शर्मा
  2. डॉ. राकेश सिन्‍हा,   दिल्‍ली

 

स्‍वामी विवेकानंद पुरस्‍कार [भारतविद्या (इंडोलॉजी) के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए]

 

  1. श्री श्रीधर गोविन्‍द पराड़करग्‍वालियर (म.प्र.)
  2. डॉ. श्रीरंजन सूरिदेव, पटना (बिहार)

 

पंडित मदन मोहन मालवीय पुरस्‍कार  [(i) शिक्षाशास्‍त्र एवं (ii) प्रबंधन में हिंदी माध्‍यम से उल्‍लेखनीय लेखन कार्य के लिए]

 

  1. प्रो. नित्‍यानन्‍द पाण्‍डेयसिल्‍चर (असम)
  2. प्रो. जे.पी. सिंघल,   जयपुर (राज.)

 

राजर्षि पुरुषोत्‍तम दास टंडन पुरस्‍कार [(i) विधि एवं (ii) लोक प्रशासन के क्षेत्र में हिंदी भाषा में उल्‍लेखनीय कार्य के लिए]

 

  1. प्रो. शिवदत्‍त शर्मा, अल्‍मोड़ा (उत्‍तराखंड)
  2. प्रो. अशोक कुमार शर्माजयपुर (राज.)