रविवार, अक्टू 20

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हरमन वान ओल्फ़न

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'टेक्सस विश्वविद्यालय' में एशियाई अध्ययन विभाग के प्रोफ़ेसर डॉ. हरमन वान ओल्फ़न का नाम विदेशी भाषा के रूप में हिंदी शिक्षण के क्षेत्र में रचनात्मक नवाचारों के लिए विख्यात है। अपने चार दशक से भी अधिक लंबे शिक्षक जीवन में वे लीक से हटकर उद्देश्यपरक और प्रयोगधर्मी शिक्षण क्रियाकलापों के लिए जाने-पहचाने गए हैं।

कार्यक्षेत्र

भाषा शिक्षक के रूप में प्रो. ओल्फ़न का अनुभव बहुआयामी और गत्यात्मक प्रकृति का रहा है। 1974 से 1998 तक विश्वविद्यालय कला संकाय के मीडिया केंद्र में निदेशक पद पर रहते हुए आपने हिंदी शिक्षण में फ़िल्मों और गानों के प्रयोग के ज़रिए आधुनिकीकरण का सूत्रपात किया। 1990 से आठ साल तक 'भारतीय अध्ययन विद्यापीठ' की भाषा समिति के अध्यक्ष के रूप में आपने अमरीकी विद्यार्थियों के लिए भारत में हिंदी-बांग्ला-तमिल-तेलुगु शिक्षण कार्यक्रमों का सफल प्रबंधन किया। आपने हिंदी विद्वानों और सिनेमाकारों के सहयोग से हिंदी शिक्षण की नए उपगमों और प्रविधियों की तलाश एवं विकास का महत्वपूर्ण कार्य किया है। इसी दैरान आपने प्रथम वर्ष के हिंदी शिक्षार्थियों के लिए तीन खंड़ों में स्तरीकृत पाठ्य पुस्तकें भी लिखीं, जिनका हिंदी जगत ने भरपूर स्वागत किया।
2006 में प्रो. ओल्फ़न हिंदी-उर्दू फ्लैगशिप कार्यक्रम के निदेशक बने। आपके सुयोग्य निर्देशन में अपने डिज़ाइन और उद्देश्यों के लिहाज से यह भाषा-शिक्षण का एक ऐसा क्रांतिकारी क्रार्यक्रम बनकर उभरा, जो भाषा-शिक्षण की अधुनातन प्रविधियों की मदद से स्पष्ट उद्देश्यपरकता के साथ वास्तविक परिस्थितियों में शिक्षार्थियों के भाषा व्यवहार के रचनात्मक कौशल को बढ़ाने में सहायक बनता है।

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व्यक्तित्व विशेषता

भाषा शिक्षक के अलावा प्रो. ओल्फ़न के व्यक्तित्व और कृतित्व का भाषा वैज्ञानिक पक्ष भी समानतः महत्वपूर्ण है। वाक्य विज्ञान और विशेषतः हिंदी क्रियापद संरचना के क्षेत्र में आपकी गणना अधिकारी विद्वान के तौर पर होती है। आप मशीन अनुवाद, भाषा प्रयोगशाला और उपकरण विकास से संबंधित अनेक प्रतिष्ठित संस्थाओं के सम्मानित विशेषज्ञ सदस्य हैं।

सम्मान और पुरस्कार

हिंदी के अंतरराष्ट्रीय प्रचार-प्रसार और शैक्षणिक संवर्धन के लिए प्रो. ओल्फ़न को डॉ. जॉर्ज ग्रियर्सन पुरस्कार से अलंकृत करते हुए केंद्रीय हिंदी संस्थान अत्यंत हर्षित है।