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अध्यापक शिक्षा विभाग

परिचय एवं उद्देश्य -
केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल की स्थापना के विभिन्न लक्ष्यों में से एक प्रमुख लक्ष्य है - देश के हिंदीतर भाषी हिंदीतरभाषी राज्यों में हिंदी के शिक्षण के लिए दक्ष और योग्य हिंदी शिक्षक तैयार करना। संस्थान का अध्यापक शिक्षा विभाग मंडल के इसी महत्वपूर्ण उद्देश्य की पूर्ति करता है। अध्यापक शिक्षा विभाग का प्रमुख दायित्व भारत के हिंदीतर राज्यों से चयनित होकर आने वाले शिक्षार्थियों (छात्राध्यापकों) को हिंदी शिक्षक प्रशिक्षण प्रदान करना है। इसके अलावा यह विभाग पूर्वोत्तर भारत के राज्यों (नागालैंड, मिजोरम) के शिक्षार्थियों को द्वितीय भाषा शिक्षण प्रविधि के तहत गहन हिंदी शिक्षण भी प्रदान करता है।


कार्यकलाप -

विभाग द्वारा संचालित विभिन्न शिक्षक-प्रशिक्षणपरक पाठ्यक्रमों के तहत हिंदीतर भाषी छात्रों को हिंदी भाषा और साहित्य के शिक्षण के साथ-साथ इनके शिक्षण की अधुनातन प्रविधियों में प्रशिक्षित किया जाता है और छात्रों को हिंदी भाषाशिक्षण एवं हिंदी शिक्षण-शोध की प्रविधियों से परिचित कराया जाता है।


विभागीय सदस्य -

विभागाध्यक्ष
प्रो. हरिशंकर, प्रोफ़ेसर

शैक्षिक सदस्य

डॉ. ज्योत्स्ना रघुवंशी, एसो. प्रोफ़ेसर
डॉ. सपना गुप्ता, असि. प्रोफ़ेसर
डॉ. मीनाक्षी दुबे, असि. प्रोफ़ेसर
डॉ. तस्मीना हुसैन, असि. प्रोफ़ेसर
डॉ. सुनीता शर्मा, अनुसंधान सहायक

प्रशासनिक सदस्य
श्री गोरन सिंह, उ.श्रे. लिपिक
श्री भूपेंद्र, च.श्रे. कार्मिक


संचालित पाठ्यक्रम -

हिंदी शिक्षण निष्णात (एम.एड. स्तरीय)
हिंदी शिक्षण पारंगत (बी.एड. स्तरीय)
हिंदी शिक्षण प्रवीण (डी.एड. स्तरीय)
त्रिवर्षीय हिंदी शिक्षण डिप्लोमा (नागालैंड)
विशेष गहन पाठ्यक्रम