रविवार, अग 25

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चमनलाल सप्रू का जन्म जनवरी, 1935 ई. में हुआ था। प्रोफ़ेसर चमनलाल सप्रू कश्मीर के सांस्कृतिक इतिहास के अधिकारी विद्वान, एक लेखक-पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अग्रणी हैं। हिंदी को जम्मू-कश्मीर के कॉलेजों में ऐच्छिक विषय के रूप में पढ़ाने के लिए किया गया चमनलाल सप्रू जी का आंदोलन सुप्रसिद्ध है।

संपादन कार्य

सप्रू जी ने राज्य एवं आकाशवाणी के श्रीनगर केंद्र में हिंदी को उसका उचित स्थान दिलाने में सफलता प्राप्त की। प्रोफ़ेसर सप्रू को स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात कश्मीर घाटी से प्रकाशित प्रथम हिंदी पत्रिका 'कश्य‍प' का संपादक होने का भी श्रेय प्राप्त है। कश्मीरी भाषी हिंदी लेखक आदर से सप्रू जी को 'कश्मीर का महावीर प्रसाद द्विवेदी' कहते हैं। सप्रू जी कश्मी‍र में हिंदी के प्रचार-प्रसार को उसके भारतीयकरण का सशक्त रचनात्मक माध्यम मानते हैं।

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पुरस्कार व सम्मान

कश्मीरी में दो, उर्दू में एक, अँग्रेज़ी में एक तथा हिंदी में पंद्रह पुस्तकों के रचयिता प्रोफ़ेसर सप्रू को अपनी दो महत्वपूर्ण पुस्तकों 'केसर और कमल' तथा 'संतूर के स्वर' पर केंद्रीय तथा राज्य सरकार की ओर से पुरस्का‍र भी प्राप्त हो चुके हैं। वे उत्तर प्रदेश सरकार के 'सौहार्द्र सम्मान', मैसूर हिंदी प्रचार परिषद के 'स्वर्ण जयंती पुरस्कार' तथा हिंदी अकादमी, दिल्ली के 'साहित्यकार सम्मान' से भी सम्मानित किए जा चुके हैं। हिंदी की अप्रतिम सेवा के लिए प्रोफ़ेसर चमनलाल सप्रू को 'केंद्रीय हिंदी संस्थान' ने 'गंगाशरण सिंह पुरस्कार' से सम्मानित किया है।

 

 

  • सूचना-पट

  • परिचय

  • विकास-यात्रा

  • विज़न 2021

  • फ़ोटो गैलरी

  • ओडियो-विजुअल गैलरी

  • आर.टी.आई.-2005

  • उपयोगी लिंक

  • ऑनलाइन पत्रिकाएँ

सूचना-पट

केंद्रीय हिंदी संस्थान में प्रशासनिक वर्ग की रिक्तियों पर भर्ती संबंधी विज्ञापन, आवेदन पत्र एवं अन्‍य निर्देश (नया)

हिंदी शिक्षण पारंगत (प्रथम वर्ष) पाठ्यक्रम सत्र 2019-20 में प्रवेश हेतु  द्वितीय सूची में चयनित अभ्यर्थी (ऩया)

शिक्षण सत्र 2019-20 हेतु संस्थान के हिंदी शिक्षण निष्णात (प्रथम वर्ष), हिंदी शिक्षण प्रवीण (प्रथम वर्ष) और स्नातकोत्तर जनसंचार एवं पत्रकारिता पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि 27 जुलाई 2019 तक बढ़ाई गई। (नया)

शैक्षणिक पोस्ट में रिक्तियाँ (नया)

स्नातकोत्तर जनसंचार एवं पत्रकारिता डिप्लोमा पाठ्यक्रम सत्र 2019-20 हेतु चयनित अभ्यर्थियों की सूची (नया)

हिंदी शिक्षण प्रवीण, पारंगत एवं निष्णात द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए प्रवेश सूचना (नया) 

नियमित अध्यापक शिक्षा पाठ्यक्रम सत्र 2019-21 की प्रवेश परीक्षा का परिणाम (नया)

नियमित अध्यापक शिक्षा पाठ्यक्रम सत्र 2018-19 मुख्य परीक्षा परिणाम (नया)

हिंदी सेवी सम्मान योजना, वर्ष 2018 की विभिन्न पुरस्कार श्रेणियों हेतु नामांकन आमंत्रित (नया)

सांध्यकालीन पाठ्यक्रमों की प्रवेश-परीक्षा 2019-20 से संबंधित महत्वपूर्ण सूचना (पीडीएफ/PDF) (नया)

लघु पत्रिकाओं के लिए वित्तीय सहयोग योजना हेतु आवेदन एवं नियम निर्देशिका (नया सहायता : NGO दर्पण वेब पोर्टल पर यूनिक आई डी बनाने के लिए दिशा निर्देश 

संस्थान द्वारा प्रायोजित मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार की अखिल भारतीय राजभाषा संगोष्ठी, पोर्ट ब्लेयर का प्रतिवेदन एवं फोटो अलबम

माननीय विदेश राज्यमंत्री जनरल (डॉ.) वी.के. सिंह (रिटा.) का संस्थान आगमन, नवनिर्मित भव्य प्रवेश द्वार : 'मोटूरि सत्यनारायण द्वार' का उद्घाटन एवं अं.हिं.शि. पाठ्यक्रम सत्र 2018-19 का शुभारंभ । प्रतिवेदनफोटो एलबम

सांध्यकालीन पाठ्यक्रम विभाग द्वारा संचालित सत्र 2017-18 के पाठ्यक्रमों के परीक्षा परिणाम (नया)11वें विश्व हिंदी सम्मेलन में संस्थान की सहभागिता। (फोटो एलबम) 

साहित्य अकादमी और केंद्रीय हिंदी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में डॉ. नगेंद्र जन्म- 

       शतवार्षिकी समारोहएवं लेखक से भेंट कार्यक्रम
परिचय
  • केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार के उच्चतर विभाग द्वारा 1960 ई. में स्थापित स्वायत्त संगठन केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल द्वारा संचालित शिक्षण संस्था है। संस्थान मुख्यतः हिंदी के अखिल भारतीय शिक्षण-प्रशिक्षण, अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय प्रचार-प्रसार के लिए कार्य-योजनाओं का संचालन करता है।
  • संस्थान का मुख्यालय आगरा में स्थित है। इसके आठ केंद्र दिल्ली (स्था. 1970), हैदराबाद (स्था. 1976), गुवाहाटी (स्था. 1978), शिलांग (स्था. 1987), मैसूर (स्था. 1988), दीमापुर (स्था. 2003), भुवनेश्‍वर (स्था. 2003) तथा अहमदाबाद (स्था. 2006) में सक्रिय हैं।

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विकास यात्रा

केंद्रीय हिंदी संस्थान की स्थापना सन् 1960 में हुई थी। तब से आज तक लगातार मंडल द्वारा निर्धारित लक्ष्यों एवं उद्देश्यों के अनुपालन में संस्थान हिंदी के शैक्षणिक विकास, बहुआयामी अनुसंधान और प्रचार-प्रसार के लिए अपनी गतिविधियों को विस्तार देता रहा है। पाँच दशकों से अधिक लंबी इस विकास-यात्रा के उल्लेखनीय पड़ावों की जानकारी इस खंड में बिंदुवार प्रस्तुत की जा रही है।

...और

विज़न 2021
  • आधुनिकतम संचार माध्यमों और सूचना प्रौद्योगिकी का हिंदी भाषा शिक्षण और दूर शिक्षा के लिए अधिकाधिक प्रयोग
  • यूनिकोड का व्यापक प्रचार और प्रसार
  • एक विशाल पोर्टल और बहुभाषी वेबसाइट
  • पॉप्युलर कल्चर के महत्त्व का रेखांकन, फ़िल्म लोक-नाट्य, कविसम्मेलन और मुशायरे
  • हिंदी की बोलियों का संरक्षण हो तथा देश-विदेश में नए केंद्रों की स्थापना
  • देश-विदेश के हिंदी के प्रख्यात साहित्य शिल्पियों के व्यक्तित्व और कृतित्व पर फ़िल्में बनाई जाएं
  • विश्व भर की संस्थाओं और विश्वविद्यालयों से सकर्मक जुड़ाव
  • मानकीकृत पाठ्यक्रमों का निर्माण एवं संचालन
  • विश्व के महान साहित्यिक कृतियों और ज्ञान-विज्ञान के ग्रंथों का हिंदी अनुवाद
  • जिन संस्थाओं के पास साधनों का अभाव है, हिंदी के विकास के लिए उनकी मदद

और..

फ़ोटो गैलरी

संस्थान की विविध गतिविधियों से संबंधित छवियों का विस्तृत संग्रह

नई गतिविधियाँ

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2017 

मा.सं.वि. मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक (22.05.2017)

और...

ओडियो-विजुअल गैलरी

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हिंदी सेवी सम्मान (वर्ष 2010 एवं 2011)

हिंदी सेवी सम्मान 2008-09

हिंदी सेवी सम्मान (वर्ष 2008 एवं 2009)

स्वर्ण जयंती वीडियो

केंद्रीय हिंदी संस्थान की स्वर्ण जयंती

उपयोगी लिंक

हिंदी शिक्षण, हिंदी भाषा संसाधन और संवर्धन से जुड़ी उपयोगी सूचना एवं जानकारियों से जुड़ी वेबसाइटों और वेब-पोर्टलों के लिंक।

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