मंगलवार, अक्टू 15

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दिनांक 17 अक्टूबर, 2018 दिन बुधवार को पूर्वाह्न में केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के नवनिर्मित मुख्य प्रवेश द्वार का उद्घाटन केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री माननीय जनरल (डॉ.) विजय कुमार सिंह (रिटायर्ड) के कमलों से संपन्न हुआ। मुख्य प्रवेश द्वार के उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल के उपाध्यक्ष डॉ. कमल किशोर गोयनका और केंद्रीय हिंदी संस्थान के निदेशक प्रो. नन्द किशोर पाण्डेय उपस्थित थे। साथ ही संस्थान के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं स्वदेशी-विदेशी छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे। सर्वप्रथम डॉ. कमल किशोर गोयनका और प्रो. नन्द किशोर पाण्डेय ने पुष्पगुच्छ भेंट कर माननीय मंत्री महोदय का प्रवेश द्वार पर स्वागत किया। तत्पश्चात स्वदेशी-विदेशी छात्राओं ने चंदन का तिलक कर और पुष्प वर्षा से मंत्री महोदय का स्वागत किया।
केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के मुख्य प्रवेश द्वार का नाम संस्थान के संस्थापक पद्मभूषण मोटूरि सत्यनारायण के नाम पर रखा गया है। इस प्रवेश द्वार का निर्माण केंद्रीय हिंदी संस्थान के निदेशक प्रो. नन्द किशोर पाण्डेय के अथक प्रयासों से संपन्न हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग के सत्र 2018-19 का शुभारंभ
केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के नवनिर्मित मुख्य प्रवेश द्वार के उद्घाटन के उपरांत माननीय विदेश राज्य मंत्री जनरल (डॉ.) विजय कुमार सिंह द्वारा अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग के सत्र 2018-19 का औपचारिक शुभारंभ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि माननीय मंत्री महोदय थे और विशिष्ट अतिथि के रूप में आगरा के महापौर श्री नवीन जैन उपस्थित थे। साथ ही मंच पर केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल के उपाध्यक्ष डॉ. कमल किशोर गोयनका और केंद्रीय हिंदी संस्थान के निदेशक प्रो. नन्द किशोर पाण्डेय उपस्थित थे। अतिथि के रूप में माननीय विधायक श्री जगन प्रसाद गर्ग और डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अरविंद दीक्षित जी सभागार में उपस्थित थे।
अटल बिहारी वाजपेयी अंतरराष्ट्रीय सभागार में मंच पर अतिथियों द्वारा स्थान ग्रहण करने पर सर्व प्रथम माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन किया गया। इसके साथ ही विदेशी छात्राओं द्वारा दीपोज्योति मंत्र का उच्चारण किया गया। दीपोज्योति मंत्र का उच्चारण करने वाली छात्राएँ- श्रीलंका से हसन्ति, निमेषा, कलणि, संदुनि, हिमाली, रसांगी, पोलैंड से अन्ना, त्रिनिडाड से नरेंद्र और सूरीनाम से प्रशांत थे। इसके उपरांत विदेशी छात्र-छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। सरस्वती वंदना प्रस्तुत करने वाले छात्र थे- चतुरंगी, दिमुतु, मयूरी, सुलोचना- श्रीलंका से तथा जयपान तशनाई- थाईलैंड से और मिशेल- कैमरुन एवं नारान- मंगोलिया से।
इसके उपरांत उत्तरीय, श्रीफल और पुष्पगुच्छ भेंट कर मंचस्थ अतिथियों का स्वागत किया गया। केंद्रीय हिंदी संस्थान के निदेशक प्रो. नन्द किशोर पाण्डेय ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने अपने स्वागत भाषण में संस्थान की रूपरेखा और कार्य पद्धति का परिचय दिया। निदेशक महोदय ने कहा कि संस्थान के लिए सौभाग्य का क्षण है कि संस्थान को एक भव्य द्वार मिला है। यह द्वार एडसिल (EDCIL) द्वारा निर्मित किया गया है। उन्होंने कहा कि रिटायर्ड जनरल और भारत के विदेश राज्य मंत्री ने संस्थान के अनुरोध को स्वीकर किया, यह संस्थान के लिए गर्व का विषय है। अपने वक्तव्य में निदेशक महोदय ने कहा कि संविधान सभा के सदस्य और प्रयोजन मूलक हिंदी को बढ़ावा देने वाले मोटूरि सत्यनारायण ने इस संस्थान की स्थापना की और विशेष बात यह है कि दक्षिण भारत के एक बुद्धिजीवी ने संस्थान की स्थापना के लिए आगरा को चुना। उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 5200 विदेशी विद्यार्थियों ने संस्थान से विभिन्न प्रकार की उपाधियाँ प्राप्त की हैं। विदेशी विद्यार्थी विश्वभर में हिंदी की सेवा कर रहे हैं। निदेशक महोदय ने कहा कि संस्थान के इतिहास में पहली बार सबसे अधिक देशों के और सबसे अधिक संख्या में विदेशी छात्र हिंदी पढ़ने आये हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान से 08 शोध पत्रिकाएँ प्रकाशित हो रही हैं और देशभर की 50 लघु पत्रिकाओं को 50-50 हजार रुपये का अनुदान प्रतिवर्ष दिया जाता है। साथ ही भारत की क्षेत्रीय भाषाओं में 50 अध्येता कोश बनाने का कार्य चल रहा है जिनमें से 28 अध्येता कोश बनकर तैयार हो गए हैं। साथ ही 16 भागों में एक विश्वकोश तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 28 देशों के विद्यार्थी आगरा और 16 देशों के विद्यार्थी दिल्ली केंद्र पर अध्ययन हेतु अलग-अलग देशों से आए हैं।
प्रो. नन्द किशोर पाण्डेय के स्वागत भाषण के बाद अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गंगाधर वानोडे ने विभाग की ओर से प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जिसमें उन्होंने विभाग के पाठ्यक्रमों और विदेशी विद्यार्थियों के देशों और उनकी संख्या का विवरण प्रस्तुत किया।
इसके उपरांत स्वदेशी-विदेशी विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। श्रीलंका की चतुरंगी, दिमुतु, सुलोचना, मयूरी तथा थाईलैंड की ताशनाई, मंगोलिया की नारान एवं कैमरून की मिशेल ने सारे जहां से अच्छा गीत प्रस्तुत किया। रूबी रॉय (असम), जयंती डुगुंरी, गौरीमुर्मु (ओडिसा), निओती, केसीगंले, रेनाआने, एच. तोतसंगला (नागालैंड) की छात्राओं ने ‘जो भी सुन ले तेरा हो ले’- कृष्ण भजन प्रस्तुत किया। इसके बाद खिमोला, काजंगले, हमसाई वंगथंगलो, जेलिना (नागालैंड) और तोपी, अंजोली, तोरी (अरुणाचल प्रदेश) की छात्राओं ने नागा नृत्य प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंत में स्वेता (अर्मेनिया), पाकीजा (बांग्लादेश), लोको, ड्यूला, नेयमिक (कैमरून), इरीना (यूक्रेन), बेल (फिलीपिंस), रयोता (जापान), बेजरिया, युवारत्न, बुरानिस (थाईलैंड), दियाना (बुल्गारिया), मिरेला (रोमानिया), आमीर (बांग्लादेश) के छात्र-छात्राओं ने डांडिया कृष्ण रास प्रस्तुत किया। इसमें कृष्ण बांग्लादेश का छात्र आमीर और राधा रोमानिया की छात्रा मिरेला थी।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल के उपाध्यक्ष प्रो. कमल किशोर गोयनका ने अपने भाषण में कहा कि पूर्व जनरल (डॉ.) विजय कुमार सिंह हिंदी भाषा के प्रति गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्ष में संस्थान की कार्य पद्धति और इसकी संरचना में अद्भुत परिवर्तन आया है। उन्होंने संस्थान में आने के लिए माननीय मंत्री जी का आभार व्यक्त किया।
विशिष्ट अतिथि आगरा शहर के वर्तमान महापौर श्री नवीन जैन ने विदेशी विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को यादगार क्षण बताया और कहा कि जीवन में प्रथम बार इस प्रकार की अद्भुत सांस्कृतिक प्रस्तुति देखी है। इन विदेशी विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति की धारा को जीवंत कर दिया है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और माननीय जनरल (डॉ.) विजय कुमार सिंह (रिटा.) ने अपने वक्तव्य में कहा कि संस्थान में आकर मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ। उन्होंने हिंदी भाषा के विषय में कहा कि हिंदी राजभाषा ही नहीं, हिंदी जनभाषा है। उन्होंने कहा कि सेना में पूरे देश के जवान हैं, इसलिए सेना की भाषा हिंदी है। यह बहुत सौभाग्य की बात है कि डॉ. मोटूरि सत्यनारायण ने दक्षिण से आकर आगरा में हिंदी के लिए कार्य किया। उन्होंने प्रयोजन मूलक हिंदी को बढ़ावा दिया। संस्थान का मुख्य प्रवेश द्वार डॉ. मोटूरि सत्यनारायण के नाम पर बनाया गया है यह गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि इस संस्थान को सुंदर बनाने का कार्य होना चाहिए ताकि यह विश्व की सबसे सुंदर संस्था बन सके।
कार्यक्रम की समाप्ति पर धन्यवाद ज्ञापन की औपचारिकता डॉ. ज्योत्स्ना रघुवंशी द्वारा संपन्न की गयी। कार्यक्रम का संचालन भी डॉ. ज्योत्स्ना रघुवंशी द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में आगरा के अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। संस्थान के सभी शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

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सूचना-पट

प्रशासनिक वर्ग के पदों पर भर्ती विषयक संस्थान के विज्ञापन संख्या 09(स.)/19 (प्रशा.) के संबंध में आवश्यक सूचना (नया)

केंद्रीय हिंदी संस्थान में प्रशासनिक वर्ग की रिक्तियों पर भर्ती संबंधी विज्ञापन, आवेदन पत्र एवं अन्‍य निर्देश 

हिंदी शिक्षण पारंगत (प्रथम वर्ष) पाठ्यक्रम सत्र 2019-20 में प्रवेश हेतु  द्वितीय सूची में चयनित अभ्यर्थी (ऩया)

शिक्षण सत्र 2019-20 हेतु संस्थान के हिंदी शिक्षण निष्णात (प्रथम वर्ष), हिंदी शिक्षण प्रवीण (प्रथम वर्ष) और स्नातकोत्तर जनसंचार एवं पत्रकारिता पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि 27 जुलाई 2019 तक बढ़ाई गई। (नया)

शैक्षणिक पोस्ट में रिक्तियाँ (नया)

स्नातकोत्तर जनसंचार एवं पत्रकारिता डिप्लोमा पाठ्यक्रम सत्र 2019-20 हेतु चयनित अभ्यर्थियों की सूची (नया)

हिंदी शिक्षण प्रवीण, पारंगत एवं निष्णात द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए प्रवेश सूचना (नया) 

नियमित अध्यापक शिक्षा पाठ्यक्रम सत्र 2019-21 की प्रवेश परीक्षा का परिणाम (नया)

नियमित अध्यापक शिक्षा पाठ्यक्रम सत्र 2018-19 मुख्य परीक्षा परिणाम (नया)

हिंदी सेवी सम्मान योजना, वर्ष 2018 की विभिन्न पुरस्कार श्रेणियों हेतु नामांकन आमंत्रित (नया)

सांध्यकालीन पाठ्यक्रमों की प्रवेश-परीक्षा 2019-20 से संबंधित महत्वपूर्ण सूचना (पीडीएफ/PDF) (नया)

लघु पत्रिकाओं के लिए वित्तीय सहयोग योजना हेतु आवेदन एवं नियम निर्देशिका (नया सहायता : NGO दर्पण वेब पोर्टल पर यूनिक आई डी बनाने के लिए दिशा निर्देश 

संस्थान द्वारा प्रायोजित मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार की अखिल भारतीय राजभाषा संगोष्ठी, पोर्ट ब्लेयर का प्रतिवेदन एवं फोटो अलबम

माननीय विदेश राज्यमंत्री जनरल (डॉ.) वी.के. सिंह (रिटा.) का संस्थान आगमन, नवनिर्मित भव्य प्रवेश द्वार : 'मोटूरि सत्यनारायण द्वार' का उद्घाटन एवं अं.हिं.शि. पाठ्यक्रम सत्र 2018-19 का शुभारंभ । प्रतिवेदनफोटो एलबम

सांध्यकालीन पाठ्यक्रम विभाग द्वारा संचालित सत्र 2017-18 के पाठ्यक्रमों के परीक्षा परिणाम (नया)11वें विश्व हिंदी सम्मेलन में संस्थान की सहभागिता। (फोटो एलबम) 

साहित्य अकादमी और केंद्रीय हिंदी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में डॉ. नगेंद्र जन्म- 

       शतवार्षिकी समारोहएवं लेखक से भेंट कार्यक्रम
परिचय
  • केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार के उच्चतर विभाग द्वारा 1960 ई. में स्थापित स्वायत्त संगठन केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल द्वारा संचालित शिक्षण संस्था है। संस्थान मुख्यतः हिंदी के अखिल भारतीय शिक्षण-प्रशिक्षण, अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय प्रचार-प्रसार के लिए कार्य-योजनाओं का संचालन करता है।
  • संस्थान का मुख्यालय आगरा में स्थित है। इसके आठ केंद्र दिल्ली (स्था. 1970), हैदराबाद (स्था. 1976), गुवाहाटी (स्था. 1978), शिलांग (स्था. 1987), मैसूर (स्था. 1988), दीमापुर (स्था. 2003), भुवनेश्‍वर (स्था. 2003) तथा अहमदाबाद (स्था. 2006) में सक्रिय हैं।

और..

विकास यात्रा

केंद्रीय हिंदी संस्थान की स्थापना सन् 1960 में हुई थी। तब से आज तक लगातार मंडल द्वारा निर्धारित लक्ष्यों एवं उद्देश्यों के अनुपालन में संस्थान हिंदी के शैक्षणिक विकास, बहुआयामी अनुसंधान और प्रचार-प्रसार के लिए अपनी गतिविधियों को विस्तार देता रहा है। पाँच दशकों से अधिक लंबी इस विकास-यात्रा के उल्लेखनीय पड़ावों की जानकारी इस खंड में बिंदुवार प्रस्तुत की जा रही है।

...और

विज़न 2021
  • आधुनिकतम संचार माध्यमों और सूचना प्रौद्योगिकी का हिंदी भाषा शिक्षण और दूर शिक्षा के लिए अधिकाधिक प्रयोग
  • यूनिकोड का व्यापक प्रचार और प्रसार
  • एक विशाल पोर्टल और बहुभाषी वेबसाइट
  • पॉप्युलर कल्चर के महत्त्व का रेखांकन, फ़िल्म लोक-नाट्य, कविसम्मेलन और मुशायरे
  • हिंदी की बोलियों का संरक्षण हो तथा देश-विदेश में नए केंद्रों की स्थापना
  • देश-विदेश के हिंदी के प्रख्यात साहित्य शिल्पियों के व्यक्तित्व और कृतित्व पर फ़िल्में बनाई जाएं
  • विश्व भर की संस्थाओं और विश्वविद्यालयों से सकर्मक जुड़ाव
  • मानकीकृत पाठ्यक्रमों का निर्माण एवं संचालन
  • विश्व के महान साहित्यिक कृतियों और ज्ञान-विज्ञान के ग्रंथों का हिंदी अनुवाद
  • जिन संस्थाओं के पास साधनों का अभाव है, हिंदी के विकास के लिए उनकी मदद

और..

फ़ोटो गैलरी

संस्थान की विविध गतिविधियों से संबंधित छवियों का विस्तृत संग्रह

नई गतिविधियाँ

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2017 

मा.सं.वि. मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक (22.05.2017)

और...

ओडियो-विजुअल गैलरी

Hindi-Sevi-Samman-2010-11-thumb

हिंदी सेवी सम्मान (वर्ष 2010 एवं 2011)

हिंदी सेवी सम्मान 2008-09

हिंदी सेवी सम्मान (वर्ष 2008 एवं 2009)

स्वर्ण जयंती वीडियो

केंद्रीय हिंदी संस्थान की स्वर्ण जयंती

उपयोगी लिंक

हिंदी शिक्षण, हिंदी भाषा संसाधन और संवर्धन से जुड़ी उपयोगी सूचना एवं जानकारियों से जुड़ी वेबसाइटों और वेब-पोर्टलों के लिंक।

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