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हिंदी सेवी सम्मान योजना

 

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राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी के विकास, प्रचार-प्रसार और प्रोत्साहन में केंद्रीय हिंदी  संस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हिंदी राष्ट्रीय एकता, सदभाव और समन्वय की महत्वपूर्ण कड़ी है। राजभाषा, राष्ट्रभाषा और संपर्कभाषा के रूप में इस पर विभिन्न भारतीय भाषाओं में आपसी संवाद को बढ़ाते हुए भारत की समावेशी संस्कृति के विकास की भी ज़िम्मेदारी है। यही तथ्य केंद्रीय हिंदी संस्थान की स्थापना और इसके हर कार्यक्रम के मूल में विद्यमान रहा है। संस्थान विदेशों में हिंदी भाषा और उसके माध्यम से आधुनिक भारत की चेतना और उसके लोकतांत्रिक मूल्यों को प्रसारित करने के लिए भी संकल्पित है। इसी दायित्व-बोध के साथ संस्थान द्वारा सन् 1989 में हिंदी सेवी सम्मान योजना का आरंभ किया गया। इस योजना के अंतर्गत सात पुरस्कार श्रेणियों के अंतर्गत निर्धारित क्षेत्रों में हिंदी के उन्नयन, विकास एवं प्रचार-प्रसार हेतु उत्कृष्ट कार्य करने वाले 14 हिंदी सेवी विद्वानों को प्रति वर्ष सम्मानित किया जाता है।

हिंदी सेवी सम्मान योजना की अद्यतन पुरस्कार श्रेणियाँ निम्नलिखित हैं -

पुरस्कार क्षेत्र  संख्या
गंगाशरण सिंह पुरस्कार हिंदी प्रचार-प्रसार व हिंदी प्रशिक्षण के क्षेत्र में उल्‍लेखनीय कार्य के लिए 4
गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार (i) हिंदी पत्रकारिता तथा (ii) जनसंचार के क्षेत्र में उल्‍लेखनीय कार्य के लिए 2
आत्माराम पुरस्कार (i) विज्ञान तथा (ii) चिकित्‍सा विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के  क्षेत्र में उल्‍लेखनीय कार्य के लिए 2
सुब्रह्मण्यम भारती पुरस्कार (i) सर्जनात्‍मक एवं (ii) आलोचनात्‍मक क्षेत्र में उल्‍लेखनीय कार्य के लिए 2
महापंडित राहुल सांकृत्यायन पुरस्कार हिंदी माध्‍यम से ज्ञान के विविध क्षेत्र, पर्यटन एवं पर्यावरण से संबंधित क्षेत्र में मौलिक अनुसंधान के लिए 2
डॉ. जॉर्ज ग्रियर्सन पुरस्कार विदेशी विद्वान को विदेशों में हिंदी के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय कार्य के लिए 2
पद्मभूषण डॉ. मोटूरि सत्यनारायण पुरस्कार आप्रवासी भारतीय विद्वान को विदेशों में हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं लेखन में उल्‍लेखनीय कार्य के लिए 2
सरदार वल्‍लभ भाई पटेल पुरस्‍कार (i) कृषि विज्ञान एवं (ii) राष्‍ट्रीय एकता के क्षेत्र में उल्‍लेखनीय लेखन कार्य के लिए 2
दीनदयाल उपाध्‍याय पुरस्‍कार (i) मानविकी के क्षेत्र में एवं (ii) कला, संस्‍कृति एवं विचार की भारतीय चिंतन परंपरा के क्षेत्र में उल्‍लेखनीय कार्य के लिए 2
स्‍वामी विवेकानंद पुरस्‍कार भारतविद्या (इंडोलॉजी) के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए 2
पंडित मदन मोहन मालवीय पुरस्‍कार (i) शिक्षाशास्‍त्र एवं (ii) प्रबंधन में हिंदी माध्‍यम से उल्‍लेखनीय लेखन कार्य के लिए 2
राजर्षि पुरुषोत्‍तम दास टंडन पुरस्‍कार (i) विधि एवं (ii) लोक प्रशासन के क्षेत्र में हिंदी भाषा में उल्‍लेखनीय कार्य के लिए 2

पुरस्कृत विद्वानों को संस्थान की ओर से भारत के माननीय राष्ट्रपति महोदय द्वारा एक लाख रुपए, शॉल तथा प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाता है। सन् 1989 से 2015 तक इस योजना के अंतर्गत कुल 374 विद्वानों को सम्मानित किया जा चुका है। 


वर्ष 2015 के लिए उपर्युक्त श्रेणियों में पुरस्कृत होने वाले हिंदी सेवी विद्वानों के नाम की उद्घोषणा के उपरांत इन विद्वानों को दिनांक 30 मई, 2017 (मंगलवार) को राष्ट्रपति भवन में संपन्न होने वाले हिंदी सेवी सम्मान समारोह में भारत के माननीय राष्ट्रपति द्वारा सम्मानों से अलंकृत किया गया।  (कार्यक्रम की रिपोर्ट और फोटो एलबम देखें)


प्रेस विज्ञप्तिः हिंदी सेवी सम्मान वर्ष 2016 के लिए चयनित विद्वानों के नामों की घोषणा


हिंदी सेवी सम्मान वर्ष 2017 के लिए प्रस्ताव आमंत्रण  संबंधी विज्ञप्ति एवं नामांकन प्रपत्र देखें। (नया)