सोमवार, दिस 16

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संबद्ध प्रशिक्षण महाविद्यालय

हिंदी शिक्षक-प्रशिक्षण के स्तर को समुन्नत करने और राष्ट्रीय स्तर पर उसमें एकरूपता लाने के प्रयास में भारत सरकार के निर्देश पर देश के कई राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में अपने-अपने क्षेत्रों में हिंदी शिक्षण-प्रशिक्षण महाविद्यालयों, संस्थाओं को स्थापित किया गया है और उन्हें संस्थान से संबद्ध किया है। इन संबद्ध महाविद्यालयों/संस्थाओं में प्रांतीय आवश्यकताओं के अनुरूप संस्थान के पाठ्यक्रम संचालित एवं आयोजित किए जाते हैं और संस्थान ही इन पाठ्यक्रमों की परीक्षाएँ नियंत्रित करता है। कुछ प्रमुख महाविद्यालयों/संस्थाओं के नाम इस प्रकार हैं-

  • राजकीय हिंदी शिक्षण-प्रशिक्षण महाविद्यालय, उत्तर गुवाहाटी (असम)
  • मिज़ोरम हिंदी शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थान, आईज़ोल (मिज़ोरम)
  • राजकीय हिंदी शिक्षण-प्रशिक्षण महाविद्यालय, मैसूर (कर्नाटक)
  • राजकीय हिंदी शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थान, दीमापुर (नागालैंड)

संस्थान हिंदी अध्ययन-अध्यापन और अनुसंधान का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। संस्थान को उच्च स्तरीय शैक्षिक संस्थान के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, अपितु अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता प्राप्त है। हिंदी भारत की सामासिक संस्कृति की संवाहिका के रूप में अपनी सार्थक भूमिका निभा सके, इस उद्देश्य एवं संकल्प के साथ संस्थान निरंतर कार्यरत है। अखिल भारतीय स्तर पर हिंदी को संपर्क भाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने के लिए भी संस्थान अथक प्रयास कर रहा है। संस्थान का मूलभूत उद्देश्य है कि भारतीय भाषाएँ एक दूसरे के निकट आएँ और सामान्य बोधगम्यता की दृष्टि से हिंदी इनके बीच सेतु का कार्य करे तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय चेतना, संस्कृति एवं उससे संबद्ध मूल तत्व हिंदी के माध्यम से प्रसारित ही न हों, बल्कि सुग्राह्य भी बनें।

हैदराबाद केंद्र

परिचय -

केंद्रीय हिंदी संस्थान का दूसरा क्षेत्रीय केंद्र हैदराबाद में स्थापित चिया गया। यह केंद्र स्कूलों/कॉलेजों एवं स्वैच्छिक हिंदी संस्थाओं के हिंदी अध्यापकों के लिए 1 से 4 सप्ताह के लघु अवधीय नवीकरण कार्यक्रमों का आयोजन करता है, जिसमें हिंदी अध्यापकों को हिंदी के वर्तमान परिवेश के अंतर्गत भाषाशिक्षण की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान कराया जाता है। वर्तमान में हैदराबाद केंद्र का कार्यक्षेत्र आन्ध्र प्रदेश, तमिलनाडु, गोवा, महाराष्ट्र एवं केंद्र शासित प्रदेश पांडिचेरी एवं अण्डमान निकोबार द्वीप समूह हैं। हैदराबाद केंद्र पर हिंदी शिक्षण पारंगत पाठ्यक्रम भी संचालित किया जाता है।


स्थापना -

1976 में दक्षिण भारत के प्रथम केंद्र के रूप में हैदराबाद केंद्र की स्थापना हुई थी। उस समय इसका कार्यक्षेत्र दक्षिण के चारों राज्यों अर्थात् आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु कर्नाटक और केरल के साथ-साथ गुजरात, महाराष्ट्र गोवा, दमन तथा दीव, पांडिचेरी, अंदमान निकोबार तथा लक्ष्यद्वीप था, दायित्व मैसूर केंद्र को सौंप दिया गया। गुजरात, दमन तथा दीव के कार्यक्रम पहले मुख्यालय के द्वारा तथा अब अहमदाबाद केंद्र के द्वारा संचालित हो रहे हैं। इस प्रकार वर्तमान में हैदराबाद केंद्र के कार्यक्षेत्र कें अतंर्गत आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र गोवा, पांडिचेरी तथा अंड़मान निकोबार आते हैं। हैदराबाद केंद्र में प्राथमिक मिडिल, माध्यमिक और महाविद्यालयों (स्नातकोत्तर) के हिंदी अध्यापकों के लिए लघु अवधि के नवीकरण पाठ्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। केंद्र के कार्यक्षेत्र में आने वाले राज्यों में और केंद्र सरकार की स्वैच्छिक संस्थाओं नवोदय विद्यालयों केंद्रीय विद्यालयों और आश्रम पाठ्शालाओं चिन्मय विद्यालय तथा हैदराबाद हिंदी प्रचार सभा, दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा आदि स्वैच्छिक संस्थाओं के प्राथमिक से लेकर उच्च स्तर तक के हिंदी शिक्षकों के लिए नवीकरण पाठ्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। साथ ही इस केंद्र द्वारा प्रयोजनमूलक पाठ्यक्रम जैसे रेलवे विभाग, डाक विभाग, वित्त विभाग आदि केंद्र सरकार की संस्थाओं के कर्मचारियों के लिए पाठ्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है।


 

उद्देश्य -
राज्य में सेवारत हिंदी शिक्षकों के लिए लघुअवधीय नवीकरण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन नवीकरण कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों को भाषाशिक्षण की नवीन प्रविधियों से परिचित कराया जाता है तथा उन्हें मानक हिंदी के प्रयोग के प्रति सतत जागरूकता रखने का प्रयास किया जाता है।


 

कार्यक्षेत्र -
आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, गोवा, महाराष्ट्र राज्य के साथ-ही-साथ केंद्रशासित प्रदेश पांडिचेरी तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह।


 

शैक्षिक एवं प्रशासनिक वर्ग -

शैक्षिक वर्ग
डॉ. गंगाधर वानोडे, असि. प्रोफ़ेसर, क्षेत्रीय निदेशक
प्रशासनिक वर्ग 
श्रीमती एस. राधा (कनिष्ठ आशुलिपिक)
श्रीमती जी. एम. सुलोचना (पुस्तकालय लिपिक)
श्री धर्मेंद्र सिंह, लिपिक
श्री विजय एम. ढोरे (कलाकार)
श्री नरसिंग राव (चपरासी)
श्री श्रीहरी (चौकीदार)
श्री मुरली मोहन (चौकीदार)
श्रीमती आर. यदम्मा (सफाई कर्मचारी)
श्री अजीत सिंह [वाहन चालक (अनुबंध)]
श्री संदीप कुमार [बुक लिफ्टर (अनुबंध)]
श्री मस्तान वली [चपरासी (अनुबंध)]


 

संपर्क स्थल
2-2-12/5, दुर्गाबाई देशमुख मार्ग,
हैदराबाद-500007 (आंध्र प्रदेश)
दूरभाष: 040-27427208 27426101
फैक्स: 040-27427208

मैसूर केंद्र

परिचय -

मैसूर केंद्र की स्थापना वर्ष 1988 में हुई। केंद्र का प्रमुख कार्य हिंदी का शिक्षण-प्रशिक्षण एवं हिंदी का प्रचार-प्रसार करना है। मैसूर केंद्र हिंदी के शिक्षण-प्रशिक्षण के अंतर्गत, प्राइमरी, हाईस्कूल, इण्टरमीडिएट के हिंदी शिक्षकों के लिए हिंदी शिक्षण की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान कराने के लिए 3-4 सप्ताह के लघुअवधीय नवीकरण पाठ्यक्रमों का आयोजन तथा विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के हिंदी अध्यापकों के लिए 2 सप्ताह के प्रयोजनमूलक पाठ्यक्रमों का संचालन करता है। केंद्र द्वारा प्रचार-प्रसार के अंतर्गत सरकारी अधिकारियों, अनुवादकों और वैज्ञानिकों के लिए 1 सप्ताह के राजभाषा, अनुवाद एवं तकनीकी पाठ्यक्रम भी चलाए जाते हैं। केंद्र का कार्यक्षेत्र पहले केवल कर्नाटक राज्य था। 1992 से इसके कार्यक्षेत्र में कर्नाटक राज्य के साथ केरल और केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप भी शामिल कर दिए गए है।

स्थापना

केंद्रीय हिंदी संस्थान का मैसूर केंद्र 1988 में प्रांरभ किया गया। इसके अंतर्गत केरल, कर्नाटक राज्य तथा लक्षद्वीप आते हैं।

उद्देश्य -

राज्य में सेवारत हिंदी शिक्षकों के लिए लघुअवधीय नवीकरण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन नवीकरण कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों को भाषाशिक्षण की नवीन प्रविधियों से परिचित कराया जाता है तथा मानक हिंदी के प्रयोग के प्रति उनमें सतत जागरूकता बनाये रखने का प्रयास किया जाता है।

केंद्र पर पदस्थ सदस्य -


शैक्षिक वर्ग

डॉ. परमान सिंह, असि. प्रोफ़ेसर, क्षेत्रीय निदेशक

प्रशासनिक वर्ग -

  1. श्री लक्ष्मीनारायण गुप्ता (पुस्तकालय लिपिक)
  2. श्री एन. के. राघवेंद्र   (चौकीदार)
  3. श्री बलबहादुर थापा (चपरासी)
  4. श्री आर. शिवरामु   (सफाई कर्मचारी)

संपर्क स्थल -


केंद्रीय हिंदी संस्थान, मैसूर केंद्र,
वायु सेना चयन समिति के समीप,
मैसूर मिल्क डेयरी के पीछे,
सिद्धार्थ नगर, मैसूर-570011(कर्नाटक)
दूरभाष: 0821-2543252
फैक्स: 0821-2543252

शिलांग केंद्र

 

परिचय

केंद्रीय हिंदी संस्थान, शिलांग की स्थापना 1976 में हुई थी। 1978 में यह केंद्र गुवाहाटी स्थानांतरित कर दिया गया। पुन: इसकी स्थापना वर्ष 1987 में की गई। हिंदी के प्रचार-प्रसार के अंतर्गत शिलांग केंद्र हिंदी शिक्षकों के लिए नवीकरण (तीन सप्ताह का) पाठ्यक्रम और असम रायफ़ल्स के विद्यालयों के हिंदी शिक्षकों, केंद्र सरकार के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को हिंदी का कार्य साधक ज्ञान कराने के लिए 2-3 सप्ताह का हिंदी शिक्षणपरक कार्यक्रम संचालित करता है। इस केंद्र के कार्य क्षेत्र मेघालय, त्रिपुरा एवं मिज़ोरम राज्य है।

स्थापना

इस केंद्र की स्थापना जुलाई, 1976 में की गयी थी। किन्ही कारणों से यह केंद्र जून, 1979 में गुवाहाटी स्थानान्तरित कर दिया गया। उस समय इसका कार्यक्षेत्र असम, अरूणाचल, मेघालय, मिजोरम, मणिपुर, नागालैण्ड एवं त्रिपुरा था। मेघालय राज्य की मांग पर सितंबर 1987 में पुन: इसे शिलांग में प्रारंभ किया गया। इस समय इसे पूर्वोत्तर पर्वतीय विश्वविद्यालय, शिलांग के परिसर में प्रारंभ किया गया और इसका कार्यक्षेत्र मेघालय तथा मिजोरम निर्धरित किया गया। बाद में मणिपुर को भी केंद्र के साथ जोड़ लिया गया। नागालैण्ड—दीमापुर में संस्थान का नया केंद्र स्थापित् होने के पश्चात केंद्र का कार्यक्षेत्र मेघालय, मिजोरम तथा त्रिपुरा कर दिया गया।

उद्देश्य

राज्य में सेवारत हिंदी शिक्षकों के लिए लघुअवधीय नवीकरण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन नवीकरण कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों को भाषाशिक्षण की नवीन प्रविधियों से परिचित कराया जाता है तथा उन्हें मानक हिंदी के प्रयोग के प्रति सतत जागरूक रखने का प्रयास किया जाता है।

अब तक पूर्णकालिक क्षेत्रीय निदेशक

1. डॉ. न. वी. राजगोपालन प्रोफेसर 15.07.1976 से 05.05.1979
2. डॉ. जयकृष्ण विद्याशंकर रीडर 01.05.1979 से 16.06.1979
3. डॉ. सी. ई. जीनी रीडर 07.09.1987 से 23.11.1991
4. डॉ. म. मा. बासुतकर रीडर 27.11.1991 से 13.08.1992
5. डॉ. ठाकुर दास रीडर 13.08.1992 से 24.12.1993
6. डॉ. चतुर्भुज सहाय प्रोफेसर 07.04.1984 से 30.04.1988
7. डॉ. ललित मोहन बहुगुणा रीडर 12.09.1994 से 01.05.1997
8. डॉ. मीरा सरीन प्रवक्ता 01.05.1997 से 08.06.1998
9. डॉ. प्रमोद कुमार शर्मा रीडर 09.06.1998 से 15.07.2001
10. डॉ. हेमराज मीणा रीडर 15.07.2001 से 15.07.2002
11. डॉ. श्रीशचंद्र जैसवाल प्रोफेसर 15.07.2002 से 23.09.2003
12. डॉ. रवि प्रकाश गुप्त प्रोफेसर 23.09.2003 से 30.09.2004
13. डॉ. विद्याशंकर शुक्ल रीडर 01.10.2004 से अबतक

शैक्षिक एवं प्रशासनिक वर्ग शिलांग केंद्र



शैक्षिक वर्ग
डॉ. राजवीर सिंह (क्षेत्रीय निदेशक) अति. कार्यभार
प्रशासनिक वर्ग
श्रीमती जपार्जिना लिंग्दोह (जू. आशुलिपिक)
श्री पेटरूस खरकंगर (लघु श्रेणी लिपिक)
श्री सनबहादुर थापा (डुप्लीकेटिंग ऑपरेटर)
श्री महेश्वर राय (छात्रावास परिचारक)
श्री एरिक रिंजाह (चौकीदार/दफ्तरी)
श्री एम. खारसानों (चौकीदार)
श्री जी. संगमा चौकीदार
श्रीमती तियाली (सफाई कर्मचारी)
श्रीमती निरिजा मराक (माली (अनुबंध))

 

संपर्क स्थल


लोवर लाच्छुमियर, शिलांग, 793014 (मेघालय)
दूरभाष: 0364-227097
फैक्स: 0364-2227097

 

 

भुवनेश्वर केंद्र

परिचय

भुवनेश्वर केंद्र ओड़िसा सरकार द्वारा आवंटित यूनिट-9 सरकारी बालक उच्च विद्यालय, भुवनेश्वर परिसर के में चलाया जा रहा है। इसका कार्यक्षेत्र ओड़िसा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ तथा झारखंड हैं। केंद्र के कार्यक्षेत्र मे आने वाले राज्यों के हिंदी शिक्षकों तथा हिंदी प्रचारकों के लिए एवं अन्य स्वैच्छिक संस्थाओं के प्राथमिक से लेकर उच्च स्तर तक के हिंदी शिक्षकों के लिए नवीकरण पाठ्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इन नवीकरण कार्यक्रमों के माध्यम से हिंदी शिक्षकों को भाषा शिक्षण की नवीन प्राविधियों से परिचित कराया जाता है। 

स्थापना

भुवनेश्वर (विस्तार) केंद्र की स्थापना वर्ष 2003 में हुई थी। इस केंद्र के कार्यक्षेत्र हैं- उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्य।

उद्देश्य

राज्य में सेवारत हिंदी शिक्षकों के लिए लघु-अवधीय नवीकरण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन नवीकरण कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों को भाषाशिक्षण की नवीन प्रविधियों से परिचित कराया जाता है तथा मानक हिंदी के प्रयोग के प्रति उनमें सतत जागरूकता बनाये रखने का प्रयास किया जाता है।

क्षेत्रीय केंद्र पर पदस्थ सदस्य


शैक्षिक वर्ग

डॉ. रंजन कुमार दास, असि. प्रोफ़ेसर एवं क्षेत्रीय निदेशक

प्रशासनिक वर्ग

  1. श्री यतेंद्र कुमार सारस्वत, उ.श्रे.लिपिक
  2. नवल किशोर शर्मा, (पुस्तकालय लिपिक - अनुबंध)
  3. श्री शेख़ नसीमुद्दीन चपरासी (अनुबंध)
  4. श्री अजय कुमार सिंह चौकीदार (अनुबंध)
  5. श्री विवेकानन्द विश्वकर्मा चौकीदार (अनुबंध)
  6. श्री गोरखनाथ मिश्रा चौकीदार (अनुबंध)
  7. श्री संतोष कुमार राणा सफाई कर्मचार (अनुबंध)

संपर्क स्थल


केंद्रीय हिंदी संस्थान, भुवनेश्वर केंद्र,
सरकारी बालक उच्चविद्यालय परिसर
यूनिट-9, आनंद बाज़ार रोड
भुवनेश्वर-751022(उड़ीसा)

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