रविवार, फरव 17

  •  
  •  

हैदराबाद केंद्र

हैदराबाद केंद्र की स्थापना वर्ष 1976 में हुई। शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अंतर्गत यह केंद्र स्कूलों/कॉलेजों एवं स्वैच्छिक हिंदी संस्थाओं के हिंदी अध्यापकों के लिए 1 से 4 सप्ताह के लघु अवधीय नवीकरण कार्यक्रमों का आयोजन करता है, जिसमें हिंदी अध्यापकों को हिंदी के वर्तमान परिवेश के अंतर्गत भाषाशिक्षण की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान कराया जाता है। वर्तमान में हैदराबाद केंद्र का कार्यक्षेत्र आन्ध्र प्रदेश, तमिलनाडु, गोवा, महाराष्ट्र एवं केंद्र शासित प्रदेश पांडिचेरी एवं अण्डमान निकोबार द्वीप समूह हैं। हैदराबाद केंद्र पर हिंदी शिक्षण पारंगत पाठ्यक्रम भी संचालित किया जाता है।

स्थापना

1976 में दक्षिण भारत के प्रथम केंद्र के रूप में हैदराबाद केंद्र की स्थापना हुई थी। उस समय इसका कार्यक्षेत्र दक्षिण के चारों राज्यों अर्थात् आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु कर्नाटक और केरल के साथ-साथ गुजरात, महाराष्ट्र गोवा, दमन तथा दीव, पांडिचेरी, अंदमान निकोबार तथा लक्ष्यद्वीप था, दायित्व मैसूर केंद्र को सौंप दिया गया। गुजरात, दमन तथा दीव के कार्यक्रम पहले मुख्यालय के द्वारा तथा अब अहमदाबाद केंद्र के द्वारा संचालित हो रहे हैं। इस प्रकार वर्तमान में हैदराबाद केंद्र के कार्यक्षेत्र कें अतंर्गत आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र गोवा, पांडिचेरी तथा अंड़मान निकोबार आते हैं। हैदराबाद केंद्र में प्राथमिक मिडिल, माध्यमिक और महाविद्यालयों (स्नातकोत्तर) के हिंदी अध्यापकों के लिए लघु अवधि के नवीकरण पाठ्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। केंद्र के कार्यक्षेत्र में आने वाले राज्यों में और केंद्र सरकार की स्वैच्छिक संस्थाओं नवोदय विद्यालयों केंद्रीय विद्यालयों और आश्रम पाठ्शालाओं चिन्मय विद्यालय तथा हैदराबाद हिंदी प्रचार सभा, दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा आदि स्वैच्छिक संस्थाओं के प्राथमिक से लेकर उच्च स्तर तक के हिंदी शिक्षकों के लिए नवीकरण पाठ्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। साथ ही इस केंद्र द्वारा प्रयोजनमूलक पाठ्यक्रम जैसे रेलवे विभाग, डाक विभाग, वित्त विभाग आदि केंद्र सरकार की संस्थाओं के कर्मचारियों के लिए पाठ्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है।

उद्देश्य

राज्य में सेवारत हिंदी शिक्षकों के लिए लघुअवधीय नवीकरण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन नवीकरण कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों को भाषाशिक्षण की नवीन प्रविधियों से परिचित कराया जाता है तथा उन्हें मानक हिंदी के प्रयोग के प्रति सतत जागरूकता रखने का प्रयास किया जाता है।

अब तक पूर्णकालिक क्षेत्रीय निदेशक

1. डॉ. वी. रा. जगन्नाथन प्रोफेसर 01.07.1976 से 1.05.1981
2. डॉ. सीताराम शास्त्री रीडर 02.05.1981 से 08.08.1983
3. डॉ. वी. रा. जगन्नाथन प्रोफेसर 09.08.1983 से 30.09.1987
4. डॉ. कृष्ण कुमार शर्मा प्रोफेसर 09.03.1988 से 30.08.1991
5. डॉ. मा. गोविन्द चतुर्वेदी प्रोफेसर 05.09.1991 से 30.06.1994
6. डॉ. पी. विजयराघव रेड्डी रीडर 01.07.1994 से 30.06.1998
7. प्रो. धर्मपाल गांधी प्रोफेसर 01.07.1998 से 31.07.2001
8. प्रो. टी. के. नारायण पिल्लै प्रोफेसर

16.07.2001 से 31.07.2010

9. प्रो. वाई शाकुंतलम्मा प्रोफेसर 01.08.2010 से अब तक

कार्यक्षेत्र

आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, गोवा, महाराष्ट्र राज्य के साथ-ही-साथ केंद्रशासित प्रदेश पांडिचेरी तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह।

संपर्क स्थल

2-2-12/5, दुर्गाबाई देशमुख मार्ग,
हैदराबाद-500007 (आंध्र प्रदेश)
दूरभाष: 040-27427208 27426101
फैक्स: 040-27427208