रविवार, फरव 17

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प्रसार कार्यक्रम भुवनेश्वर केंद्र

  1. राष्ट्रीय संगोष्ठियाँ-
  2. केंद्र का उद्देश्य न केवल नवीकरण पाठ्यक्रमों का आयोजन करना है वरन् विभिन्न प्रकार की शैक्षिक गतिविधियों का आयोजन कर छात्राध्यापकों को लाभान्वित करना भी है। इस कड़ी के अतंर्गत केंद्र द्वारा समय-समय पर राष्ट्रीय संगोष्ठियों, लघु बजटीय संगोष्ठ, कार्यशालाएँ, व्याख्यान मालाएँ आयोजित की जाती हैं। केंद्र पर अब तक 4 राष्ट्रीय संगोष्ठियों का आयोजन किया । 7-8 फरवरी, 2005 'राजभाषा हिंदी : चुनौती, समस्या और समाधान, 1-2ग दिसंबर, 2006 'भाषा शिक्षण'। दिब्रबर, 2008 'सांस्कृतिक साम्राज्यवाद और हाशिए की आवाजें' विषयों पर संगोष्ठियों का आयोजन हुआ।

  3. लघु संगोष्ठियों का आयोजन -
  4. सेंट जॉवियर कॉलेज, रांची (झारखडं) के सहयोग से 'हिंदी और अन्य भाषाओं में निर्मित शब्दकोश परंपरा में झारखंड का योगदान (21-22 फरवरी 2010), आसिका साइंस कॉलेज, आसिका, गंजाम (ओड़िसा) के सहयोग से 'समकालीन हिंदी और उड़िया साहित्य का तुलनात्मक अध्ययन (27-28 मार्च, 2010) पर लघु संगोष्ठियों का आयोजन केंद्र द्वारा किया गया।

  5. प्रसार व्याख्यानमाला का आयोजन -

समय-समय पर प्रसार व्याख्यानमालाओं का आयोजन किया गया, जिसके अंतर्गत भुवनेश्वर केंद्र पर प्रतिवर्ष हिंदी तथा ओड़िया के अतिरिक्त अन्य भारतीय भाषाओं के विद्वानों द्वारा अपने वक्तव्य देने की श्रृंखला प्रारंभ हुई। इस श्रृंखला को 'सुकुमार सेन प्रसार व्याख्यानमाला' का नाम दिया गया। प्रसार व्याख्यानमाला की श्रृंखला में प्रो. डी. पी. पट्टनायक (24.12.07) 'भाषा तथा भाषा विज्ञान' (भाषा अभिरण), प्रो. रविभूषण (20.03.2009)

  1. भाषा, संस्कृति, समाज तथा साहित्य के अंत: संबंध
  2. भूमंडलीकरण का भाषा संस्कृति एवं साहित्य पर प्रभाव' जैसे विद्वानों ने अपनी सेवाएँ दीं।