शुक्रवार, दिस 06

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विदेशी शिक्षण परक

उद्देश्य


विदेशी हिंदी शिक्षण का प्रमुख उद्देश्य भारत और विदेशों में हिंदी भाषा और साहित्य के शिक्षण, प्रशिक्षण तथा अघ्ययन-अध्यापन में गुणात्मक सुधार लाना एवं छात्रों को हिंदी साहित्य /भाषा शिक्षण एवं हिंदी शोध प्रविधियों का परिचय देना हैं। विदेशी छात्रों को आगरा मुख्यालय में अधुनातन तकनीक से हिंदी शिक्षण-प्रशिक्षण प्रदान करने में कम्प्यूटर प्रयोगशाला एवं इलैक्ट्रोनिक कक्ष का उपयोग एक महत्वपूर्ण प्रयोग है। संस्थान द्वारा संचालित विदेशियों के हिंदी शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यक्रमों में चार प्रकार की योजनाओं के अंतर्गत निम्नलिखित कोटियों के विदेशी विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है।

  1. भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय की विदेशों में हिंदी प्रचार की योजना के अंतर्गत चुने गये छात्र-छात्राएँ।
  2. सांस्कृतिक आदान-प्रदान के अंतर्गत चुने गए छात्र-छात्राएँ।
  3. विभिन्न देशों की सरकारों/ अभिकारणों /संस्थाओं द्वारा प्रतिनियुक्त/ प्रायोजित छात्र-छात्राएँ।

उपर्युक्त पाठ्यक्रमों के अतिरिक्त भाषाविज्ञान, भाषा शिक्षण, हिंदी भाषा और साहित्य आदि क्षेत्रों में उच्चस्तरीय शोध के लिए मार्गदर्शन एवं परामर्श की सुविधा उपलब्ध है। ये पाठ्यक्रम आगरा और दिल्ली में चलाए जाते हैं।

  1. हिंदी भाषा दक्षता प्रमाण-पत्र
  2. हिंदी भाषा दक्षता डिप्लोमा
  3. हिंदी भाषा दक्षता उच्च डिप्लोमा
  4. स्नातकोत्तर हिंदी डिप्लोमा

पाठ्यक्रम में प्रवेश के आधार

निम्नलिखित वर्गों के विदेशी छात्रों को पाठ्यक्रम में प्रवेश दिया जा सकता है।

  • भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय की 'विदेशों में हिंदी योजना' के अंतर्गत चुने गये छात्र।
  • सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों के अंतर्गत चुने गए छात्र।
  • स्ववित्त पोषित योजना के अंतर्गत चुने गए छात्र।


प्रवेश प्रक्रिया

वर्ग (क) के छात्र प्रवेश के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय (माध्यमिक और उच्चतर शिक्षा विभाग ), भारतीय दूतावासों / उच्चायोगों द्वारा आवेदन-पत्र प्राप्त कर सकते है।

  • (क) आवेदन-पत्र की दो प्रतियाँ भारतीय दूतावास अथवा उच्चायोग के प्रथम सचिव / द्वितीय सचिव आदि के स्तर के अधिकारी की संस्तुति के साथ भेजी जाएँगी। साथ में, भारतीय दूतावास / छात्रों के आवेदन-पत्र, चिकित्सा परीक्षण प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण-पत्र और उनके हिंदी में दक्षता संबधी पत्र के साथ निदेशक, केंद्रीय हिंदी संस्थान मार्ग, आगरा-282005 दक्षता संबंधी (भारत) को भेजेगा।
  • (ख) वर्ग के छात्र निर्धारित प्रपत्र पर 'चिकित्सा परीक्षा प्रमाण पत्र' प्रस्तुत करेंगे।
  • (ग) वर्ग के छात्र निर्धारित पत्र पर संस्तुति पत्र प्रस्तुत करेंगे।
  • (घ) वर्ग के छात्र अर्थात स्ववित्तिय पोषित योजना के प्रवेशार्थी अपने आवेदन पत्र सीधे दिल्ली केंद्र भेजेगें।


आयु सीमा

किसी भी पाठ्यक्रम में प्रवेश की न्यूनतम आयु सीमा 19 वर्ष और अधिकतम 35 वर्ष है। (विशेष परिस्थितियों में आयु सीमा में छूट दी जा सकती है।)

शैक्षिक वर्ष

संस्थान का शैक्षिक वर्ष 1 अगस्त से 30 अप्रैल तक होगा। शैक्षिक वर्ष में सैमिस्टर है: अगस्त - दिंसम्बर और जनवरी - अप्रैल।

आवास सुविधा

केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा द्वारा (क) वर्ग के पुरुष तथा महिला छात्र छात्राओं के लिए अलग अलग छात्रावासों की नि:शुल्क व्यवस्था है। छात्रावास में निवास करना अनिवार्य है। छात्रावास की सुविधा संस्थान के केवल नियमित छात्रों को ही दी जाती हैं। उनके परिवारों, आश्रितों अथवा मित्रों को नही।

टिप्पणी:

छात्रावास में रहने वाली छात्राओं के लिए छात्रावास के नियमों का अनुपालन करना अनिवार्य है। छात्रावास की नियमावली प्रवेश के समय उपलब्ध कराई जाएगी।

भोजनालय

छात्रावास में सहकारिता के आधार पर भोजनालय चलाया जाता है। छात्रावास में रहने वाले छात्रों को भोजनालय में भोजन करना अनिवार्य है। भोजनालय मूलत: शाकाहारी है। आवासीय कमरों में खाना बनाना पूर्णतया वर्जित है।

वित्तीय सहायता

विदेशों में हिंदी योजना के अंतर्गत प्रवेश प्राप्त करने वाले छात्रों को प्रतिमाह छात्रवृत्ति और देश से भारत तक आने-जाने का क़िफायती विमान किराया दिया जाता है। छात्र को 3500/- रूपये की छात्रवृत्ति दी जाती है। यह छात्रवृत्ति 1 अगस्त से अथवा उनके संस्थान में प्रवेश पाने की तारीख से 30 अप्रैल तक दी जाती है। पुस्तक भत्ते के रुप में 1000/- रुपये मात्र प्रति वर्ष दिये जाते है। विदेशी छात्रों को अपने देश में अपने निवास स्थान से भारत में संस्थान तक का किराया दिया जाएगा। इस छात्र को अपने देश के निकटतम हवाई अड्डे से भारत में निकटतम हवाई अड्डे तक आने और लौटने के लिए विमान यात्रा की नि:शुल्क सुविधा प्रदान की जाएगी। अपने देश में निवास स्थान से निकटतम हवाई अड्डे तक और भारत में निकटतम हवाई अड्डे से संस्थान (नगर) तक रेलगाड़ी अथवा टैक्सी से आने की नि:शुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की जाएगी। यदि विमान की सुविधा न हो तो रेलगाड़ी से यात्रा करने पर छात्र को प्रथम श्रेणी/द्वितीय ए.सी. का वास्तविक किराया दिया जाएगा। पुस्तकालय प्रतिभूति शैक्षिक सत्र की समाप्ति के समय पुस्तकालय की पुस्तकें वापिस करने पर लौटा दी जाती है। इसके लिए पुस्तकालयाध्यक्ष से अनापत्ति प्रस्तुत करना होगा।

टिप्पणी:

'विदेशों में हिंदी प्रचार योजना' तथा 'सांस्कृतिक आदान-प्रदान योजना' के अंतर्गत भारत सरकार की छात्रवृति प्राप्त करने वाले छात्रों को 'शिक्षण शुल्क' नहीं देना होगा।

चिकित्सा सुविधा

यदि कोई छात्र बीमार हो जाए तो संस्थान उसे सरकारी अस्पताल और संस्थान द्वारा मान्यता प्राप्त अस्पताल में खर्च होने वाली राशि का भुगतान करेगा। महिला छात्रावास में महिला डॉक्टर की व्यवस्था की गई है। (यह सुविधा भारत सरकार की छात्रवृत्ति पाने वाले छात्रों को ही उपलब्ध है।)

अनुशासन सभी छात्रों के लिए संस्थान के नियमों का पालन करना अनिवार्य है। अनुशासन नियमों की प्रति प्रवेश के समय छात्र को दी जाएगी। इन नियमों का पालन न करने पर अनुशासनिक कार्यवाही की जाएगी। छात्रवृत्ति समाप्त की जा सकती है। यह मामला सम्बन्धित दूतावास /उच्चायोग को भी भेजा जाएगा तथा छात्र को संबद्ध दूतावास /उच्चायोग को सौंपा भी जा सकता है।

उपस्थिति

प्रत्येक छात्र की कक्षाओं में कुल उपस्थिति 80 प्रतिशत अनिवार्य है। उपस्थिति कम होने के कारण यदि छात्र को बैठने की अनुमति नहीं दी जाती तो वापसी किराया नही दिया जाऐगा। और उसकी सूचना संबद्ध दूतावास को भेजी जाएगी।

परीक्षा और प्रमाण पत्र

  • ए +   90% और उपर
  • ए     80-89%
  • बी+  70-79%
  • बी   60-69%
  • सी   50-59%
  • डी   50%से कम
  • 50; से कम अंक प्राप्त करने वाले छात्र को अनुत्तीर्ण माना जायेगा।

विभाग की अन्य गतिविधियाँ

विदेशी हिंदी शिक्षण विभाग में अध्ययनरत विदेशी छात्र-छात्राएँ हिदी प्रतिष्ठान, नई दिल्ली द्वारा आयोजित त्रिदिवसीय सेमिनार में प्रतिवर्ष संस्थान का प्रतिनिधित्व करते है।
मानस संगम, कानपुर द्वारा दिसम्बर में आयोजित साहित्यिक संगोष्ठी में प्रतिवर्ष विदेशी विद्यार्थी भाग लेते है।
विभाग द्वारा कुशल शिक्षक उपलब्ध कराकर प्रतिवर्ष संगीत एवं गायन की शिक्षा विदेशी विद्यार्थियों को दिलवायी जाती है।
संस्कृत भाषा की शिक्षा का प्रबंध इच्छुक विद्यार्थियों को विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाती है।
होली, दीपावली आदि उत्सव धूम-धाम से मानाया जाता है।
विद्यार्थियों के लिए प्रतिवर्ष शैक्षिक परिभ्रमण कार्यक्रम प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है।
विद्यार्थियों के लिए सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं खेलकूद की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है।