बुधवार, सित 19

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केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा में नवनिर्मित अटल बिहारी वाजपेयी अंतरराष्ट्रीय सभागार का उद्घाटन आज दिनांक 11.12.2017 को माननीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री, भारत सरकार डॉ. सत्य पाल सिंह के कर कमलों से हुआ।

Picture3सर्वप्रथम माननीय राज्य मंत्री डॉ. सत्य पाल सिंह ने संस्थान परिसर स्थित पद्मभूषण डॉ. मोटूरि सत्यनारायण तथा डॉ. रामविलास शर्मा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए तत्पश्चात् नवनिर्मित अटल बिहारी वाजपेयी अंतरराष्ट्रीय सभागार का उद्घाटन स्वचालित पर्दे का बटन दबाकर तथा सभागार के प्रवेश द्वार पर श्रीफल फोड़कर किया।

उद्घाटन समारोह के अवसर पर माननीय राज्य मंत्री के साथ केंद्रीय हिंदी शिक्षण मण्डल, आगरा के उपाध्यक्ष डॉ. कमल किशोर गोयनका, संस्थान के निदेशक प्रो. नन्द किशोर पाण्डेय, फतेहपुर सीकरी के सांसद चौधरी बाबूलाल, क्षेत्रीय विधायक श्री जगनप्रसाद गर्ग, चौधरी उदयभान सिंह एवं श्री योगेंद्र उपाध्याय सहित संस्थान के पूर्व एवं वर्तमान अध्यापक, प्रशासनिक सदस्य, स्वदेशी व विदेशी छात्रों सहित शहर के अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

उद्घाटन कार्यक्रम के उपरांत माननीय मंत्री महोदय ने सभागार का संदर्शन किया, उसके बाद सभी मंचस्थ अतिथियों ने सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया। इसके साथ ही स्वदेशी एवं विदेशी छात्र-छात्राओं द्वारा मंत्रोच्चारण, सरस्वती वंदना एवं संस्थान गीत प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात् माननीय मंत्री महोदय का संस्थान के उपाध्यक्ष एवं निदेशक ने पुष्प गुच्छ, श्रीफल एवं शॉल भेंटकर स्वागत किया। साथ ही निदेशक महोदय द्वारा सभी मंचासीन अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ एवं शॉल द्वारा किया गया।

इसके पश्चात् संस्थान के निदेशक प्रो. नन्द किशोर पाण्डेय द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत कर संस्थान का परिचय प्रस्तुत किया, जिसमें संस्थान की विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। इसके बाद स्वदेशी एवं विदेशी छात्रों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई, जिसमें सर्वप्रथम श्रीलंका की छात्राओं द्वारा ‘सिंहली’ नृत्य प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात् उज़बेकिस्तान की छात्रा ज़िलोला ने अटल बिहारी वाजपेयी की कविता ‘हार नहीं मानूँगा’ प्रस्तुत की। श्रीलंका की छात्रा हंसिका ने ‘ठुमक चलत रामचंद्र’ भजन प्रस्तुत किया। अरूणाचल प्रदेश एवं नागालैण्ड की छात्राओं ने ‘गालो’ नृत्य, विदेशी छात्राओं ने कत्थक नृत्य, स्वदेशी-विदेशी छात्रों ने देशभक्ति गीत ‘मेरे प्यारे देश, तेरा कोटि-कोटि वंदन’ प्रस्तुत किया। नागालैण्ड के छात्रों द्वारा ‘बैंबू’ नृत्य प्रस्तुत किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंत में स्वदेशी-विदेशी छात्राओं द्वारा राजस्थानी नृत्य की सुंदर प्रस्तुति की गई।

Picture1सांस्कृतिक कार्यक्रम के पश्चात् केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा द्वारा प्रकाशित ‘हिंदी-मणिपुरी अध्येता कोश’, अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग की पत्रिका ‘प्रवासी जगत’, अध्यापक शिक्षा विभाग की पत्रिका ‘शैक्षिक उन्मेष’ का विमोचन माननीय मंत्री महोदय एवं सभी मंचासीन अतिथियों द्वारा किया गया।

विमोचन के पश्चात् माननीय मंत्री महोदय ने अपने उद्बोधन में कहा कि विदेशी छात्रों को हिंदी और भारतीय संस्कृति सिखाकर केंद्रीय हिंदी संस्थान भारत के सांस्कृतिक राजदूत तैयार कर रहा है, जो अपने-अपने देशों में जाकर हिंदी भाषा एवं भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार करेंगे। उन्होंने हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने पर बल दिया। सबसे पहले भारत में जिसने हिंदी की महत्ता स्थापित की, वह स्वामी दयानंद सरस्वती थे। 1919 में कांग्रेस के अमृतसर अधिवेशन में स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने हिंदी में पहला भाषण दिया। हिंदी भाषा के विकास में स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि यदि हमें अपनी संस्कृति को जीवित रखना है, तो हमें हिंदी को जीवंत रखना होगा।

अध्यक्षीय उद्बोदन में केंद्रीय हिंदी शिक्षण मण्डल, आगरा के उपाध्यक्ष डॉ. कमल किशोर गोयनका ने मंत्री महोदय से अनुरोध किया कि केंद्रीय हिंदी संस्थान को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्ज़ा प्रदान किया जाए, ताकि भविष्य में संस्थान हिंदी के प्रचार-प्रसार में और अधिक योगदान कर सके। वर्तमान में मॉरीशस, जर्मनी, फ्रांस, अमेरिका आदि देशों से संस्थान की शाखाएँ खोलने का प्रस्ताव है, इस संबंध में गंभीरतापूर्वक विचार किया जाए।

अंत में संस्थान के निदेशक प्रो. नन्द किशोर पाण्डेय ने मंत्री महोदय, सभी गणमान्य अतिथियों एवं आगंतुकों का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम का संचालन संस्थान की कुलसचिव प्रो. बीना शर्मा ने किया।

 

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सूचना-पट

हिंदी सौ रत्नमाला पुस्तक निर्माण श्रृंखला की द्वितीय कार्यशाला संपन्न। प्रतिवेदन । फोटो एलबम ।

सांध्यकालीन पाठ्यक्रम विभाग द्वारा संचालित सत्र 2017-18 के पाठ्यक्रमों के परीक्षा परिणाम (नया)

11वें विश्व हिंदी सम्मेलन में संस्थान की सहभागिता। (फोटो एलबम)

हिंदी शिक्षण पारंगत (प्रथम वर्ष) पाठ्यक्रम सत्र 2018-20 की द्वितीय प्रतीक्षा सूची

माननीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री जी द्वारा के.हिं.सं. हैदराबाद केंद्र के भवन का शिलान्यास (फोटो एलबम)

हिंदी शिक्षण पारंगत पाठ्यक्रम 2018-20 की प्रवेश परीक्षा की प्रतीक्षा सूची

सांध्यकालीन पाठ्यक्रम विभाग प्रवेश परीक्षा 2018-19 का परिणाम

महत्वपूर्ण सूचना- संस्थान द्वारा संचालित नियमित द्विवर्षीय पाठ्यक्रम (हिंदी शिक्षण निष्णात, पारंगत और प्रवीण) वर्ष 2018-19 हेतु चयनित छात्रों के प्रवेश की अंतिम तिथि 7 अगस्त 2018 से बढ़ाकर 14 अगस्त 2018 कर दी गई है। इसके बाद प्रवेश नहीं लिए जाएंगे।

वार्षिक परीक्षा परिणाम 2017-18 (नया)

नियमित अध्यापक शिक्षा पाठ्यक्रम सत्र 2018-19 की प्रवेश परीक्षा के परिणाम - (Pg.1) (Pg.2) (Pg.3) (Pg.4) (नया)

संस्थान मुख्यालय आगरा एवं दिल्ली केंद्र द्वारा संचालित सांध्यकालीन पाठ्यक्रम सत्र 2018-19 हेतु प्रवेश सूचना, विवरणिका हिंदी / Prospectus English एवं आवेदन पत्र डाउनलोड करें। संशोधित अंतिम तिथि 11 जुलाई 2018

हिंदी सेवी सम्मान वर्ष 2017 हेतु प्रस्ताव आमंत्रित (विज्ञापन) (नामांकन प्रस्ताव प्रपत्र)

केंद्रीय हिंदी संस्थान दिल्ली केंद्र पर सुरक्षा, सफाई एवं बिजली व्यवस्था हेतु निविदा/संविदा (आवेदन और नियम तथा शर्तें)

संस्‍थान के नियमित शिक्षण-प्रशिक्षक पाठ्यक्रमों हेतु आयोजित प्रवेश परीक्षा 2018 के लिए चयनित योग्‍य अभ्‍यर्थियों की सूची (नया)

विज्ञापन - संस्थान के 03 हॉस्टल मेसों के लिए अनुभवी पंजीकृत कैटरर्स/ ठेकेदार चाहिए  | नियम एवं शर्तें (नया)

प्रेस विज्ञप्तिः हिंदी सेवी सम्मान वर्ष 2016 के लिए चयनित विद्वानों के नामों की घोषणा

हिंदी साहित्य के प्रतिनिधि रचनाकारों पर पुस्तक निर्माण संबंधी कार्यशाला

 

साहित्य अकादमी और केंद्रीय हिंदी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में डॉ. नगेंद्र जन्म- 

       शतवार्षिकी समारोहएवं लेखक से भेंट कार्यक्रम
परिचय
  • केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार के उच्चतर विभाग द्वारा 1960 ई. में स्थापित स्वायत्त संगठन केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल द्वारा संचालित शिक्षण संस्था है। संस्थान मुख्यतः हिंदी के अखिल भारतीय शिक्षण-प्रशिक्षण, अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय प्रचार-प्रसार के लिए कार्य-योजनाओं का संचालन करता है।
  • संस्थान का मुख्यालय आगरा में स्थित है। इसके आठ केंद्र दिल्ली (स्था. 1970), हैदराबाद (स्था. 1976), गुवाहाटी (स्था. 1978), शिलांग (स्था. 1987), मैसूर (स्था. 1988), दीमापुर (स्था. 2003), भुवनेश्‍वर (स्था. 2003) तथा अहमदाबाद (स्था. 2006) में सक्रिय हैं।

और..

विकास यात्रा

केंद्रीय हिंदी संस्थान की स्थापना सन् 1960 में हुई थी। तब से आज तक लगातार मंडल द्वारा निर्धारित लक्ष्यों एवं उद्देश्यों के अनुपालन में संस्थान हिंदी के शैक्षणिक विकास, बहुआयामी अनुसंधान और प्रचार-प्रसार के लिए अपनी गतिविधियों को विस्तार देता रहा है। पाँच दशकों से अधिक लंबी इस विकास-यात्रा के उल्लेखनीय पड़ावों की जानकारी इस खंड में बिंदुवार प्रस्तुत की जा रही है।

...और

विज़न 2021
  • आधुनिकतम संचार माध्यमों और सूचना प्रौद्योगिकी का हिंदी भाषा शिक्षण और दूर शिक्षा के लिए अधिकाधिक प्रयोग
  • यूनिकोड का व्यापक प्रचार और प्रसार
  • एक विशाल पोर्टल और बहुभाषी वेबसाइट
  • पॉप्युलर कल्चर के महत्त्व का रेखांकन, फ़िल्म लोक-नाट्य, कविसम्मेलन और मुशायरे
  • हिंदी की बोलियों का संरक्षण हो तथा देश-विदेश में नए केंद्रों की स्थापना
  • देश-विदेश के हिंदी के प्रख्यात साहित्य शिल्पियों के व्यक्तित्व और कृतित्व पर फ़िल्में बनाई जाएं
  • विश्व भर की संस्थाओं और विश्वविद्यालयों से सकर्मक जुड़ाव
  • मानकीकृत पाठ्यक्रमों का निर्माण एवं संचालन
  • विश्व के महान साहित्यिक कृतियों और ज्ञान-विज्ञान के ग्रंथों का हिंदी अनुवाद
  • जिन संस्थाओं के पास साधनों का अभाव है, हिंदी के विकास के लिए उनकी मदद

और..

फ़ोटो गैलरी

संस्थान की विविध गतिविधियों से संबंधित छवियों का विस्तृत संग्रह

नई गतिविधियाँ

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2017 

मा.सं.वि. मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक (22.05.2017)

और...

ओडियो-विजुअल गैलरी

Hindi-Sevi-Samman-2010-11-thumb

हिंदी सेवी सम्मान (वर्ष 2010 एवं 2011)

हिंदी सेवी सम्मान 2008-09

हिंदी सेवी सम्मान (वर्ष 2008 एवं 2009)

स्वर्ण जयंती वीडियो

केंद्रीय हिंदी संस्थान की स्वर्ण जयंती

उपयोगी लिंक

हिंदी शिक्षण, हिंदी भाषा संसाधन और संवर्धन से जुड़ी उपयोगी सूचना एवं जानकारियों से जुड़ी वेबसाइटों और वेब-पोर्टलों के लिंक।

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