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राष्ट्रीय विकास में नये दौर की दस्तक है डिजिटल बैंकिंग और नक़द-रहित लेन-देन

डिजिटल बैंकिंग और नक़द-रहित लेन-देन समग्र राष्ट्रीय विकास में नये दौर की दस्तक है। भारतीय लोकतांत्रिक अर्थव्यवस्था और आर्थिक सुशासन के इतिहास में यह एक क्रांतिकारी पहल है। इससे देश की वित्त व्यवस्था में तो पारदर्शिता आएगी ही साथ ही काले धन के तमाम दरवाजे बंद होंगे और अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।” - ये बातें केंद्रीय हिंदी संस्थान के निदेशक प्रो. नन्द किशोर पाण्डेय ने संस्थान के सूचना तथा भाषा-प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित एक-दिवसीय कार्यशाला के दौरान अपने उद्बोधन में कहीं। भारत सरकार के वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम (विसाका) के तहत दिनांक 10.01.2017 को संस्थान के नज़ीर सभागार में डिजिटल बैंकिंग एवं नकद रहित लेन-देन विषय पर आयोजित इस कार्यशाला में उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि ई-बैकिंग अनुप्रयोगों का इस्तेमाल स्वयं सीखने के साथ-साथ हमें दूसरों को भी सिखाना चाहिए पर सावधानी इस बात की भी होनी चाहिए कि इन अनुप्रयोगों का उपयोग करते समय जागरूकता, सुरक्षा और सावधानी बरती जाए। यह सब हमें कार्यशाला के लिए आए विशेषज्ञ प्रशिक्षकों से भरपूर सीख लेना चाहिए।

दो सत्रों में संपन्न हुई इस कार्यशाला में विशेषज्ञ प्रशिक्षक (रिसोर्स पर्सन) के रूप में सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया के आईटी प्रबंधक श्री पवन कुमार द्विवेदी एवं श्री अंजनी कुमार सिंह के साथ सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया की सहायक प्रबंधक सुश्री दीपिका शर्मा ने सभागार उपस्थित स्वदेशी एवं विदेशी विद्यार्थियों और संस्थान के शिक्षकों एवं प्रशासनिक को डिजिटल बैंकिंग एवं नक़द-रहित लेन-देन के लिए उपलब्ध ई-संसाधनों, अनुप्रयोगों और उनके संचालन एवं इस्तेमाल की प्रक्रियाओं के बारे में प्रशिक्षित किया। अपनी मल्टींमीडिया प्रस्तुतियों के साथ उन्होंने इसकी सुरक्षा एवं सावधानी से जुड़े पहलुओं के बारे में भी जानकारी दी।

संगोष्ठी-कार्यशाला में पधारे विशेषज्ञ प्रशिक्षकों एवं संस्थान के सदस्यों का स्वागत करते हुए सूचना तथा भाषा-प्रौद्योगिकी विभाग के अध्यक्ष प्रो. देवेंद्र शुक्ल ने कहा कि वित्तीय साक्षरता अभियान (विसाका) का यह अभियान इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है कि इससे भृष्टाचार पर रोक लगेगी और आम-जन के लिए आर्थिक सुशासन एवं सुविधा के नये रास्ते खुलेंगे। भारत सरकार और बैंकिंग सिस्टम ने देश में वित्तीय दिक्कतों को दूर करने के लिए सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी द्वारा समर्थित सॉफ़्ट-करेंसी और नक़द-रहित अंतरण के बहुत से विकल्प उपलब्ध कराए हैं, जैसेः एटीएम, डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, ई-वॉलेट आदि। इनके माध्यम से हम अपने विभिन्न आर्थिक लेन-देन और भुगतान बेहद सहज एवं सुविधाजनक रूप में कर सकते हैं। केंद्रीय हिंदी संस्थान का यह आयोजन डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा में अपने सभी सदस्यों को जागरूक करने की दिशा में एक समयानुकूल पहल है।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सदस्यों गुंजन जैन, दिवाकरनाथ त्रिपाठी, अनिल पांडेय, अनिल शर्मा, अब्बास अली ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यशाला का संयोजन एवं संचालन श्री अनुपम श्रीवास्तव ने किया।

इस कार्यशाला में प्रो. हरिशंकर, प्रो. बीना शर्मा, प्रो. महेंद्र सिंह राणा, डॉ. ज्योत्स्ना रघुवंशी, डॉ. प्रमोद रावत, जानकी जेठवानी, केशरी नंदन, प्रो. मीरा सरीन, डॉ. रामलाल वर्मा, डॉ. बीना माथुर, डॉ. अशोक मिश्र एवं प्रशासनिक वर्ग के सदस्यों के साथ ही संस्थान के स्वदेशी, विदेशी एवं पत्रकारिता विभाग के विद्यार्थी मौजूद रहे।

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सूचना-पट

नियमित शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के वार्षिक परीक्षा परिणाम (2016-17) (नया)

विज्ञापन संख्या 1/16 (A&T) के सदर्भ में प्रोफेसर (हिंदी) एवं असिस्टेंट प्रोफेसर (हिंदी) पद के लिए साक्षात्कार की सूचना (नया)

नियमित पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा-2017 के परिणाम (नया)

हिंदी सेवी सम्मान समारोह - वर्ष 2015 का दिनांक 30 मई, 2017 को राष्ट्रपति भवन में संपन्न हुआ । (कार्यक्रम की रिपोर्ट) (फोटो एलबम)

हिंदी सेवी सम्मान वर्ष 2016 के लिए प्रस्ताव आमंत्रण (नई सूचना)

प्रवेश-परीक्षा 2017 हेतु चयनित योग्य अभ्यर्थियों की सूची (नई सूचना)

सूचना तथा भाषा-प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा दो-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी "भाषा-प्रौद्योगिकी और ई-शिक्षण (द्वितीय एवं विदेशी भाषा के रूप में हिंदी का संदर्भ)" का आयोजन संपन्न 

वर्ष 2015 के हिंदी सेवी सम्मान पुरस्कारों की घोषणा 

कें.हिं.सं. हैदराबाद केंद्र द्वारा आयोजित भव्य लोकार्पण समारोह में संस्थान की नई पत्रिका 'समन्वय दक्षिण' पत्रिका का शुभारंभ

अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण पाठ्यक्रम की प्रवेश सूचना सत्र : 2017-18

महत्वपूर्ण सूचनाः सत्र 2017-19 की प्रवेश परीक्षा तिथि में परिवर्तन

भारत सरकार के वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम (विसाका) के तहत संस्थान मुख्यालय में दि. 10.01.2016 को डिजिटल बैंकिंग एवं नकद रहित लेन-देन पर एक-दिवसीय कार्यशाला-सह-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन 

महत्वपूर्ण सूचना- कुलसचिव कार्यालय के लिए पत्राचार हेतु नया ई-मेल आई डी  यह ईमेल पता spambots से संरक्षित किया जा रहा है. आप जावास्क्रिप्ट यह देखने के सक्षम होना चाहिए.  

अध्यापक शिक्षा पाठ्यक्रम सत्र 2017-2019 हेतु प्रवेश अधिसूचना (विवरणिका भाग-1, भाग-2 एवं भाग-3) (आवेदन फॉर्म)

 

साहित्य अकादमी और केंद्रीय हिंदी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में डॉ. नगेंद्र जन्म- 

       शतवार्षिकी समारोहएवं लेखक से भेंट कार्यक्रम
परिचय
  • केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार के उच्चतर विभाग द्वारा 1960 ई. में स्थापित स्वायत्त संगठन केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल द्वारा संचालित शिक्षण संस्था है। संस्थान मुख्यतः हिंदी के अखिल भारतीय शिक्षण-प्रशिक्षण, अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय प्रचार-प्रसार के लिए कार्य-योजनाओं का संचालन करता है।
  • संस्थान का मुख्यालय आगरा में स्थित है। इसके आठ केंद्र दिल्ली (स्था. 1970), हैदराबाद (स्था. 1976), गुवाहाटी (स्था. 1978), शिलांग (स्था. 1987), मैसूर (स्था. 1988), दीमापुर (स्था. 2003), भुवनेश्‍वर (स्था. 2003) तथा अहमदाबाद (स्था. 2006) में सक्रिय हैं।

और..

विकास यात्रा

केंद्रीय हिंदी संस्थान की स्थापना सन् 1960 में हुई थी। तब से आज तक लगातार मंडल द्वारा निर्धारित लक्ष्यों एवं उद्देश्यों के अनुपालन में संस्थान हिंदी के शैक्षणिक विकास, बहुआयामी अनुसंधान और प्रचार-प्रसार के लिए अपनी गतिविधियों को विस्तार देता रहा है। पाँच दशकों से अधिक लंबी इस विकास-यात्रा के उल्लेखनीय पड़ावों की जानकारी इस खंड में बिंदुवार प्रस्तुत की जा रही है।

...और

विज़न 2021
  • आधुनिकतम संचार माध्यमों और सूचना प्रौद्योगिकी का हिंदी भाषा शिक्षण और दूर शिक्षा के लिए अधिकाधिक प्रयोग
  • यूनिकोड का व्यापक प्रचार और प्रसार
  • एक विशाल पोर्टल और बहुभाषी वेबसाइट
  • पॉप्युलर कल्चर के महत्त्व का रेखांकन, फ़िल्म लोक-नाट्य, कविसम्मेलन और मुशायरे
  • हिंदी की बोलियों का संरक्षण हो तथा देश-विदेश में नए केंद्रों की स्थापना
  • देश-विदेश के हिंदी के प्रख्यात साहित्य शिल्पियों के व्यक्तित्व और कृतित्व पर फ़िल्में बनाई जाएं
  • विश्व भर की संस्थाओं और विश्वविद्यालयों से सकर्मक जुड़ाव
  • मानकीकृत पाठ्यक्रमों का निर्माण एवं संचालन
  • विश्व के महान साहित्यिक कृतियों और ज्ञान-विज्ञान के ग्रंथों का हिंदी अनुवाद
  • जिन संस्थाओं के पास साधनों का अभाव है, हिंदी के विकास के लिए उनकी मदद

और..

फ़ोटो गैलरी

संस्थान की विविध गतिविधियों से संबंधित छवियों का विस्तृत संग्रह

नई गतिविधियाँ

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2017 

मा.सं.वि. मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक (22.05.2017)

और...

ओडियो-विजुअल गैलरी

Hindi-Sevi-Samman-2010-11-thumb

हिंदी सेवी सम्मान (वर्ष 2010 एवं 2011)

हिंदी सेवी सम्मान 2008-09

हिंदी सेवी सम्मान (वर्ष 2008 एवं 2009)

स्वर्ण जयंती वीडियो

केंद्रीय हिंदी संस्थान की स्वर्ण जयंती

उपयोगी लिंक

हिंदी शिक्षण, हिंदी भाषा संसाधन और संवर्धन से जुड़ी उपयोगी सूचना एवं जानकारियों से जुड़ी वेबसाइटों और वेब-पोर्टलों के लिंक।

और...

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संंस्थान प्रकाशन सूची (पीडीएफ़)

संस्थान समाचार (पीडीएफ़)

संस्थान परिचय (पीडीएफ़)

2017-18 के राजपत्रित एवं वैकल्पिक अवकाश (पीडीएफ़)