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हिंदी सेवी सम्मान प्रस्तावक प्रपत्र वर्ष - 2015

पूर्व सम्मानित (वर्ष 2014 तक) हिंदी सेवी विद्वानों की नाम-सूची परिशिष्ट (एक) (दो) (तीन)


 

अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर हिंदी के विकास और प्रचार-प्रसार में केंद्रीय हिंदी संस्‍थान की महत्‍वपूर्ण भूमिका रही है। संस्‍थान हिंदी के अध्‍ययन, अध्‍यापन एवं अनुसंधान का विश्‍वस्‍तरीय प्रतिष्‍ठा प्राप्‍त उच्‍चस्‍तरीय केंद्र है। संस्‍थान राष्‍ट्रीय स्‍तर पर हिंदी भाषा के राष्‍ट्रीय स्‍वरूप की पहचान स्‍थापित करने, सामासिक संस्‍कृति की संवाहिका के रूप में प्रचार-प्रसार करने तथा हिंदी भाषा और साहित्‍य के साथ अन्‍य भारतीय भाषाओं के साहित्‍य का उच्‍चतर अध्‍ययन करने तथा इस माध्‍यम से राष्‍ट्रीय एकता एवं समन्‍वयीकरण में हिंदी की भूमिका को सार्थक एवं सुदृढ़ करने के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ है।

संस्‍थान का मुख्‍यालय आगरा में है। इसके केंद्र – दिल्‍ली, हैदराबाद, गुवाहाटी, शिलांग, मैसूर, दीमापुर, भुवनेश्‍वर तथा अहमदाबाद में हैं।

संस्‍थान द्वारा प्रतिवर्ष ‘अखिल भारतीय हिंदी सेवी सम्‍मान योजना’ के अंतर्गत (1) गंगाशरण सिंह पुरस्‍कार (2) गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्‍कार (3) आत्‍माराम पुरस्‍कार (4) सुब्रह्मण्‍य भारती पुरस्‍कार (5) महापंडित राहुल सांकृत्‍यायन पुरस्‍कार (6) डॉ. जॉर्ज ग्रियर्सन पुरस्‍कार (7) पद्मभूषण डॉ. मोटूरि सत्‍यनारायण पुरस्‍कार से विद्वानों को सम्‍मानित एवं पुरस्‍कृत किया जाता रहा है।

इसी श्रृंखला में वर्ष 2015 से उक्‍त पुरस्‍कारों के साथ – (8) सरदार वल्‍लभ भाई पटेल पुरस्‍कार (9) दीनदयाल उपाध्‍याय पुरस्‍कार (10) स्‍वामी विवेकानंद पुरस्‍कार (11) पंडित मदन मोहन मालवीय पुरस्‍कार एवं (12) राजर्षि पुरुषोत्‍तम दास टंडन पुरस्‍कार दिया जाना भी प्रस्‍तावित है। 
हिंदी सेवी सम्‍मान योजना के अंतर्गत वर्ष 2014 तक सम्‍मानित हिंदी सेवी विद्वानों के नाम (परिशिष्‍ट-क एक, दो, तीन) में दिए गए हैं।
अनुरोध है कि सुनिर्धारित क्षेत्र/क्षेत्रों में उल्‍लेखनीय सेवा तथा योगदान प्रदान करने वाले हिंदी सेवी विद्वानों के नाम, उनका जीवन-वृत्‍त, फोटो तथा उनके कार्यों का विवरण संलग्‍न प्रस्‍तावक-प्रपत्र (परिशिष्‍ट-ख) के फार्मेट के अनुरूप निम्‍नलिखित पते पर दिनांक 30 सितंबर, 2016 तक भेजने की कृपा करें।

परिशिष्‍ट-एक में दी गई सूची में वर्णित हिंदी सेवी विद्वानों को इस योजना के अंतर्गत पुन: सम्‍मानित किए जाने का प्रावधान नहीं है। अत: इन विद्वानों के नाम कृपया प्रस्‍ताव न करें।

शैक्षणिक संस्‍थाओं के विभाग/शोध संस्‍थाओं के सदस्‍य/हिंदी सेवी स्‍वयं या अन्‍य विद्वान सभी पुरस्‍कारों के लिए सुयोग्‍य नामों के प्रस्‍ताव निम्‍नलिखित पते पर भेज सकते हैं -
निदेशक केंद्रीय हिंदी संस्‍थान हिंदी संस्‍थान मार्ग आगरा – 282005 (उ.प्र.)

नामांकन प्रस्ताव हमारे ई-मेल   यह ईमेल पता spambots से संरक्षित किया जा रहा है. आप जावास्क्रिप्ट यह देखने के सक्षम होना चाहिए.  पर भी भेजे जा सकते हैं। कृपया भेजे जाने वाले प्रस्ताव की एक प्रति (CC) इस ई-मेल पर भी भेजें -  यह ईमेल पता spambots से संरक्षित किया जा रहा है. आप जावास्क्रिप्ट यह देखने के सक्षम होना चाहिए.


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हिंदी सेवी सम्मान प्रस्तावक प्रपत्र वर्ष - 2015

पूर्व सम्मानित (वर्ष 2014 तक) हिंदी सेवी विद्वानों की नाम-सूची (एक) (दो) (तीन)

 

  • सूचना-पट

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सूचना-पट

नियमित अध्यापक शिक्षा पाठ्यक्रमों की प्रवेश-परीक्षा 2019-21 (नया)

अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण पाठ्यक्रम सत्र 2019-20 हेतु विवरणिका और सीट आवंटन सूची

संस्थान द्वारा प्रायोजित मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार की अखिल भारतीय राजभाषा संगोष्ठी, पोर्ट ब्लेयर का प्रतिवेदन एवं फोटो अलबम

माननीय विदेश राज्यमंत्री जनरल (डॉ.) वी.के. सिंह (रिटा.) का संस्थान आगमन, नवनिर्मित भव्य प्रवेश द्वार : 'मोटूरि सत्यनारायण द्वार' का उद्घाटन एवं अं.हिं.शि. पाठ्यक्रम सत्र 2018-19 का शुभारंभ । प्रतिवेदनफोटो एलबम

हिंदी सौ रत्नमाला पुस्तक निर्माण श्रृंखला की द्वितीय कार्यशाला संपन्न। प्रतिवेदन । फोटो एलबम ।

सांध्यकालीन पाठ्यक्रम विभाग द्वारा संचालित सत्र 2017-18 के पाठ्यक्रमों के परीक्षा परिणाम (नया)

11वें विश्व हिंदी सम्मेलन में संस्थान की सहभागिता। (फोटो एलबम) 

साहित्य अकादमी और केंद्रीय हिंदी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में डॉ. नगेंद्र जन्म- 

       शतवार्षिकी समारोहएवं लेखक से भेंट कार्यक्रम
परिचय
  • केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार के उच्चतर विभाग द्वारा 1960 ई. में स्थापित स्वायत्त संगठन केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल द्वारा संचालित शिक्षण संस्था है। संस्थान मुख्यतः हिंदी के अखिल भारतीय शिक्षण-प्रशिक्षण, अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय प्रचार-प्रसार के लिए कार्य-योजनाओं का संचालन करता है।
  • संस्थान का मुख्यालय आगरा में स्थित है। इसके आठ केंद्र दिल्ली (स्था. 1970), हैदराबाद (स्था. 1976), गुवाहाटी (स्था. 1978), शिलांग (स्था. 1987), मैसूर (स्था. 1988), दीमापुर (स्था. 2003), भुवनेश्‍वर (स्था. 2003) तथा अहमदाबाद (स्था. 2006) में सक्रिय हैं।

और..

विकास यात्रा

केंद्रीय हिंदी संस्थान की स्थापना सन् 1960 में हुई थी। तब से आज तक लगातार मंडल द्वारा निर्धारित लक्ष्यों एवं उद्देश्यों के अनुपालन में संस्थान हिंदी के शैक्षणिक विकास, बहुआयामी अनुसंधान और प्रचार-प्रसार के लिए अपनी गतिविधियों को विस्तार देता रहा है। पाँच दशकों से अधिक लंबी इस विकास-यात्रा के उल्लेखनीय पड़ावों की जानकारी इस खंड में बिंदुवार प्रस्तुत की जा रही है।

...और

विज़न 2021
  • आधुनिकतम संचार माध्यमों और सूचना प्रौद्योगिकी का हिंदी भाषा शिक्षण और दूर शिक्षा के लिए अधिकाधिक प्रयोग
  • यूनिकोड का व्यापक प्रचार और प्रसार
  • एक विशाल पोर्टल और बहुभाषी वेबसाइट
  • पॉप्युलर कल्चर के महत्त्व का रेखांकन, फ़िल्म लोक-नाट्य, कविसम्मेलन और मुशायरे
  • हिंदी की बोलियों का संरक्षण हो तथा देश-विदेश में नए केंद्रों की स्थापना
  • देश-विदेश के हिंदी के प्रख्यात साहित्य शिल्पियों के व्यक्तित्व और कृतित्व पर फ़िल्में बनाई जाएं
  • विश्व भर की संस्थाओं और विश्वविद्यालयों से सकर्मक जुड़ाव
  • मानकीकृत पाठ्यक्रमों का निर्माण एवं संचालन
  • विश्व के महान साहित्यिक कृतियों और ज्ञान-विज्ञान के ग्रंथों का हिंदी अनुवाद
  • जिन संस्थाओं के पास साधनों का अभाव है, हिंदी के विकास के लिए उनकी मदद

और..

फ़ोटो गैलरी

संस्थान की विविध गतिविधियों से संबंधित छवियों का विस्तृत संग्रह

नई गतिविधियाँ

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2017 

मा.सं.वि. मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक (22.05.2017)

और...

ओडियो-विजुअल गैलरी

Hindi-Sevi-Samman-2010-11-thumb

हिंदी सेवी सम्मान (वर्ष 2010 एवं 2011)

हिंदी सेवी सम्मान 2008-09

हिंदी सेवी सम्मान (वर्ष 2008 एवं 2009)

स्वर्ण जयंती वीडियो

केंद्रीय हिंदी संस्थान की स्वर्ण जयंती

उपयोगी लिंक

हिंदी शिक्षण, हिंदी भाषा संसाधन और संवर्धन से जुड़ी उपयोगी सूचना एवं जानकारियों से जुड़ी वेबसाइटों और वेब-पोर्टलों के लिंक।

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